अलवर में सेहत से खिलवाड़: जले तेल में तले जा रहे कचौड़ी-समोसे, विशेषज्ञों ने जताया गंभीर बीमारियों का खतरा।
By Shubh Bhaskar ·
23 Jul 2026 ·
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अलवर में सेहत से खिलवाड़: जले तेल में तले जा रहे कचौड़ी-समोसे, विशेषज्ञों ने जताया गंभीर बीमारियों का खतरा।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अलवर शहर,नगरपालिका क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों,बाजारों और सड़क किनारे लगने वाले ठेलों पर बिकने वाली कचौड़ी, समोसे और छोले-भटूरे लोगों की पसंद बने हुए हैं,लेकिन इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर एक ही तेल का बार-बार उपयोग किए जाने और जले हुए तेल में नया तेल मिलाकर लगातार खाद्य सामग्री तलने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार,कई स्ट्रीट फूड विक्रेता लागत कम करने के लिए लंबे समय तक एक ही तेल का उपयोग करते हैं। कड़ाही में बचा काला और गाढ़ा तेल बदलने के बजाय उसमें नया तेल मिलाकर खाद्य सामग्री तैयार की जाती है। इसके अलावा निम्न गुणवत्ता के बेसन,मैदा, मसालों और खाद्य तेल के इस्तेमाल तथा खुले वातावरण में धूल और धुएं के बीच खाद्य सामग्री बेचने को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेल को बार-बार अत्यधिक तापमान पर गर्म करने से उसमें ट्रांस फैट और अन्य हानिकारक रासायनिक तत्व बनने लगते हैं। ऐसे तेल में तैयार खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन पाचन संबंधी समस्याएं,एसिडिटी,उच्च कोलेस्ट्रॉल,उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग से शहर में सड़क किनारे संचालित खाद्य दुकानों और ठेलों की नियमित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री और उपयोग किए जा रहे तेल के नमूने लेकर जांच की जाए तथा जले हुए तेल का पुनः उपयोग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाए। साथ ही प्रयुक्त खाद्य तेल के निस्तारण से संबंधित निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
विशेषज्ञों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अत्यधिक काले या बार-बार उपयोग किए गए तेल में तले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन दिखाई देने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।