प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद मंगल पांडे को श्रद्धांजलि, बलिदान को किया याद।
By Shubh Bhaskar ·
20 Jul 2026 ·
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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद मंगल पांडे को श्रद्धांजलि, बलिदान को किया याद।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- डॉ सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद मंगल पांडे की जयंती पर विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रभक्त संगठनों तथा नागरिकों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके अद्वितीय साहस, देशभक्ति और बलिदान को स्मरण किया।
वक्ताओं ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। वर्ष 1849 में वे ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री में सिपाही के रूप में भर्ती हुए। अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और विवादित कारतूसों के विरोध में उन्होंने 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में विद्रोह का बिगुल फूंककर स्वतंत्रता की अलख जगाई।
बताया गया कि उस समय सैनिकों में यह धारणा थी कि कारतूसों पर गाय और सूअर की चर्बी का उपयोग किया गया है, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मंगल पांडे के साहसिक कदम ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ व्यापक जनआक्रोश को जन्म दिया, जिसने आगे चलकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का रूप लिया।
विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने मंगल पांडे को गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया और ०8 अप्रैल 1857 को उन्हें फांसी दे दी। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और त्याग का अमर प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडे का जीवन अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उनकी वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।