ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

आंगनवाड़ी कर्मियों का सब्र टूटा, राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग तेज: *जे.पी. पांडेय*

By Shubh Bhaskar · 20 Jul 2026 · 6 views
आंगनवाड़ी कर्मियों का सब्र टूटा, राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग तेज: *जे.पी. पांडेय*

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):-झारखंड- भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने संघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को वाट्सएप द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में चल रहे आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका आंदोलन को लेकर कहा कि लंबे समय से उपेक्षा और कम मानदेय के कारण आंगनवाड़ी कर्मियों का सब्र टूट चुका है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदेशभर में सेविकाओं और सहायिकाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर चक्का जाम किया, जिसके बाद राज्य सरकार ने अन्य राज्यों की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने को लेकर लिखित समझौता किया और फिलहाल आंदोलन स्थगित हुआ है।
पांडेय ने कहा कि वर्षों से सेवा देने वाली आंगनवाड़ी कर्मियों को आज भी राज्यकर्मी का दर्जा, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई निर्णयों के बावजूद सेवानिवृत्त सेविका एवं सहायिकाओं को अपेक्षित लाभ नहीं दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य, राशन वितरण, जनगणना, बीएलओ सहित अनेक सरकारी योजनाओं का संचालन करती हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मानदेय और समय पर भुगतान तक नहीं मिल पाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार पोषाहार और अन्य मदों की राशि महीनों बाद जारी होती है, जिससे कार्यकर्ताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जय प्रकाश पांडेय ने मांग की कि जब तक आंगनवाड़ी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेविकाओं को 35 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 20 लाख रुपये ग्रेच्युटी और कम से कम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन लागू की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंगनवाड़ी कर्मियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर तथा संसद मार्ग पर भी व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
पांडेय ने केंद्र और राज्य सरकारों से आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर उन्हें सम्मानजनक सेवा शर्तें और राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त भारत का लक्ष्य तभी संभव है, जब आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत किया जाए और उसमें कार्यरत महिलाओं को उचित अधिकार एवं सुविधाएं मिलें।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube