राजगढ़ में लोक संगीत संध्या का भव्य आयोजन, देर रात तक गूंजी राजस्थान की लोक संस्कृति।
By Shubh Bhaskar ·
19 Jul 2026 ·
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राजगढ़ में लोक संगीत संध्या का भव्य आयोजन, देर रात तक गूंजी राजस्थान की लोक संस्कृति।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- राजगढ़- राजगढ़ श्री जगन्नाथ जी मेले के पावन अवसर पर राजस्थान संगीत नाटक अकादमी,जोधपुर के तत्वावधान में पंचायती पुस्तकालय,कला संगम एवं नगर पालिका राजगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'लोक संगीत संध्या' का भव्य आयोजन पंचायती पुस्तकालय सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय एवं ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीवाईएसपी देशराज कुलदीप,कार्यक्रम अध्यक्ष महंत प्रकाशदास जी महाराज तथा संस्था अध्यक्ष एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद जोधपुर से आए प्रसिद्ध लोक कलाकार सुरमनाथ एवं उनकी टीम ने भावपूर्ण गणेश वंदना प्रस्तुत कर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।
स्वागत उद्बोधन में एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा ने सभी अतिथियों,कलाकारों एवं उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए पंचायती पुस्तकालय सभागार को भविष्य में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कलाकारों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन खेम सिंह आर्य एवं अशोक पालीवाल ने किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में अजमेर से आई लोक कलाकार राधा ने भवाई, घूमर एवं चरी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। वहीं जोधपुर के लोक कलाकार सुरमनाथ ने लोक गायन एवं कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति से समा बांध दिया। अलवर से पधारे भपंग वादक महमूद खां एवं यूसुफ ने विश्वप्रसिद्ध भपंग वादन तथा जुगलबंदी प्रस्तुत कर पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर कला संगम अध्यक्ष दीनदयाल बंसल, बिजेन्द्र अवस्थी,वीरेन्द्र दाधीच,एन.एल. वर्मा,लोकेश रावत,राजेश शर्मा (प.स.), कार्यक्रम,कार्यक्रम समन्वयक खेम सिंह आर्य,स्थानीय कलाकार संजय राजस्थानी, रामावतार बंसल,प्रवीण दफ्तरी,विवेक शर्मा,पूरणचंद जैमन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पंचायती पुस्तकालय सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा। उपस्थित जनसमुदाय ने प्रत्येक प्रस्तुति का तालियों की गूंज के साथ उत्साहवर्धन किया। यह सांस्कृतिक संध्या राजगढ़ में लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक यादगार आयोजन साबित हुई।