एमसीएच मौतों पर हरकत में सरकार, स्वास्थ्य मंत्री खींवसर ने अस्पताल में डाला डेरा राज्य स्तरीय समिति करेगी जांच, लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई; 15 जुलाई से गर्भवतियों की विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू
By Shubh Bhaskar ·
15 Jul 2026 ·
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एमसीएच मौतों पर हरकत में सरकार, स्वास्थ्य मंत्री खींवसर ने अस्पताल में डाला डेरा
राज्य स्तरीय समिति करेगी जांच, लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई; 15 जुलाई से गर्भवतियों की विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
भीलवाड़ा-महात्मा गांधी चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को अस्पताल का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल आईसीयू, गायनिक ऑपरेशन थिएटर और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की जांच राज्य स्तरीय समिति कर रही है। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने घोषणा की कि 15 जुलाई से प्रदेशभर में पांच दिवसीय विशेष अभियान चलाकर सभी गर्भवती महिलाओं की सघन स्वास्थ्य जांच, एएनसी रिकॉर्ड की समीक्षा और हाई-रिस्क गर्भवतियों की पहचान कर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू, शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी सहित चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अस्पताल प्रशासन ने बैठक में बताया कि समाचारों में बताई गई पांच महिलाओं में से चार ही प्रसूता थीं। एक महिला की मृत्यु बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान हृदयाघात से हुई थी, जबकि एक अन्य महिला का अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हुआ था और रेफर के बाद हाइपोवोलेमिक शॉक से मौत हुई। शेष तीन प्रसूताओं की मृत्यु पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, HELLP सिंड्रोम तथा प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (PPH/DIC) जैसी गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण होना बताया गया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन ऑपरेशन थिएटर में सिजेरियन हुए, वहां संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।