सैटेलाइट अस्पताल आज भी पूरी क्षमता से नहीं हुआ शुरू स्थानीय मरीज परेशान*
By Shubh Bhaskar ·
10 Jul 2026 ·
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*सैटेलाइट अस्पताल आज भी पूरी क्षमता से नहीं हुआ शुरू स्थानीय मरीज परेशान*
*:- नरेश सोनी*
चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार की दूरदर्शी सोच और जनहितैषी निर्णय के तहत कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में संभाग के एकमात्र 50 शैय्या सैटेलाइट अस्पताल की स्वीकृति देकर उसे 15 अगस्त 2023 को शहरवासियों को समर्पित किया गया था। तत्कालीन जिला कलक्टर पियूष समारिया एवं उनके द्वारा मौली बंधन खोलकर इस अस्पताल का शुभारंभ किया गया, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता के चलते यह अस्पताल आज भी पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो सका है।
जाड़ावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास कार्यों के उद्घाटन और प्रचार में तो आगे रहती है, लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा जनता को समर्पित योजनाओं को आगे बढ़ाने में उसकी कोई रुचि नहीं है। चित्तौड़गढ़ के लगभग 35 वार्डों की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बनने वाला यह अस्पताल आज भी संसाधनों और स्टाफ के अभाव में अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल के स्थानांतरण के बाद शहरवासियों को सामान्य उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। यदि भाजपा सरकार वास्तव में जनता के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर होती तो अब तक सैटेलाइट अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ संचालित कर दिया जाता। लेकिन जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता और सरकार की उपेक्षा ने इस महत्वपूर्ण अस्पताल को केवल नाम मात्र का अस्पताल बनाकर छोड़ दिया है।
पूर्व राज्यमंत्री ने बताया कि अस्पताल के लिए कनिष्ठ विशेषज्ञ (मेडिसिन), कनिष्ठ विशेषज्ञ (सर्जरी), कनिष्ठ विशेषज्ञ (स्त्री एवं प्रसूति रोग), कनिष्ठ विशेषज्ञ (नेत्र रोग), कनिष्ठ विशेषज्ञ (शिशु रोग), चिकित्सा अधिकारी, दंत चिकित्सा अधिकारी, नर्स ग्रेड प्रथम, नर्स ग्रेड द्वितीय, रेडियोग्राफर, सहायक रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, डेंटल टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, कनिष्ठ सहायक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी तथा मशीन विद मैन सहित आवश्यक पद स्वीकृत किए गए थे, लेकिन आज तक इन पदों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की गईं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने डीएमएफटी फंड से पुराने अस्पताल भवन का विकास कराया, गांधी वाटिका का निर्माण करवाया और शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का सपना साकार किया। दुर्भाग्य यह है कि भाजपा सरकार उस विरासत को भी संभालने में विफल साबित हुई है।