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समाज सेवा को समर्पित आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, शिक्षा,धर्म और जनहित में निभा रहे प्रेरक भूमिका।

By Shubh Bhaskar · 09 Jul 2026 · 97 views
समाज सेवा को समर्पित आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, शिक्षा,धर्म और जनहित में निभा रहे प्रेरक भूमिका।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):-राजगढ़- राजगढ़ उपखंड की ग्राम पंचायत नीमला के अंतर्गत रतनपुरा गांव निवासी समाजसेवी एवं आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना वर्षों से शिक्षा,धर्म और जनकल्याण के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उनके छोटे भाई कैलाश (राजेश) मीना भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहयोगी के रूप में जुड़े हुए हैं। परिवार से मिले सेवा और संस्कारों ने उन्हें बचपन से ही धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों के प्रति प्रेरित किया।
मिश्रीलाल मीना ने क्षेत्र के अनेक धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भर्तृहरि बाबा,पाराशर महाराज, मीन भगवान मंदिर भजेड़ा, नारायणी माता मंदिर,चावण्ड (चामुंडा) माता मंदिर बीघोता, भैरू बाबा मंदिर रतनपुरा, हनुमानजी मंदिर गोठ की चौकी,प्रेमपुरा की बावड़ी, नीमला के विभिन्न मंदिरों तथा राजगढ़ स्थित गणेश पोल गणेश मंदिर सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और आमजन की सुविधा के लिए सैकड़ों सीमेंट की कुर्सियां भेंट की हैं।
इसके अलावा रतनपुरा,पेड़ीबंद भोमियाजी स्थान तथा नीमला में पक्षियों के लिए चुग्गा स्थलों का निर्माण कराया गया है। मोतीवाड़ा स्थित भोमियाजी स्थान पर 20×20 फीट का भव्य मंच भी उनके सहयोग से तैयार कराया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने सराहनीय पहल करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,नीमला के विद्यार्थियों को विद्यालय ड्रेस उपलब्ध कराई तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिलें वितरित कीं। साथ ही नीमला और रतनपुरा में आरओ युक्त वाटर कूलर स्थापित कर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराई।
वर्ष 1998 से लगातार वे भर्तृहरि बाबा एवं जगन्नाथ महाराज राजगढ़ के मेलों में श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल और शरबत की प्याऊ लगाकर सेवा कार्य कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को समय-समय पर राशन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही मीना समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलनों में अपने बच्चों के सहयोग से आर्थिक सहायता भी प्रदान करते रहे हैं। मीन भगवान मंदिर तथा हनुमानजी मंदिर गोठ की चौकी के निर्माण में भी उनका विशेष योगदान रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मिश्रीलाल मीना बिना किसी प्रचार-प्रसार के वर्षों से समाजहित और जनकल्याण के कार्यों में समर्पित भाव से लगे हुए हैं। शिक्षा,धर्म, जनसुविधाओं और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में उनका योगदान क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। लोगों का कहना है कि उनके परिवार द्वारा केवल मानव सेवा ही नहीं,बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति भी संवेदनशीलता और सेवा का भाव निरंतर देखने को मिलता है।
इस संबंध में जानकारी लेने पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के तहसील उपाध्यक्ष एवं विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा से बातचीत के दौरान आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना ने संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा सुनाया—
"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये।
ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये।।"
इस दोहे के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन का मूल संदेश स्पष्ट किया कि सच्ची पहचान सेवा, सद्कर्म और समाज के प्रति समर्पण से ही बनती है।

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