भागीरथी गंगा व सप्त नदियों के पवित्र जल से शिप्रा उद्गम पर अभिषेक, शिप्रा को निर्मल व प्रवाहमान रखने का लिया संकल्प।
By Shubh Bhaskar ·
06 Jul 2026 ·
16 views
भागीरथी गंगा व सप्त नदियों के पवित्र जल से शिप्रा उद्गम पर अभिषेक, शिप्रा को निर्मल व प्रवाहमान रखने का लिया संकल्प।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- उज्जैन- त्रिशूल शिवगण वाहिनी द्वारा शिप्रा नदी के उद्गम स्थल मुंडला दोसर की ककड़ी-बरड़ी पहाड़ी पर भागीरथी गंगा एवं उत्तराखंड की सप्त पवित्र नदियों के जल से विशेष अभिषेक कर शिप्रा को सदैव प्रवाहमान एवं निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
वाहिनी के संरक्षक महामंडलेश्वर ज्ञान दास जी महाराज एवं संस्थापक आदित्य नागर हाल ही में चारधाम यात्रा के दौरान गोमुख से भागीरथी गंगा का पवित्र जल तथा उत्तराखंड की सात पवित्र नदियों का जल लेकर लौटे। इसके बाद अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी के साथ शिप्रा के उद्गम स्थल पर विधिवत अभिषेक किया गया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर ज्ञान दास जी महाराज ने कहा कि मोक्षदायिनी मां शिप्रा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि त्रिशूल शिवगण वाहिनी जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से शिप्रा नदी के संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही है।
संस्थापक आदित्य नागर ने बताया कि भागीरथी गंगा एवं सप्त नदियों के पवित्र जल से अभिषेक का उद्देश्य शिप्रा के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग राजा भागीरथ की तरह संकल्प लेकर प्रयास करें, तो मां शिप्रा को सदैव प्रवाहमान और निर्मल रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वाहिनी द्वारा प्रतिवर्ष कार्तिक मास में संपूर्ण शिप्रा प्रदक्षिणा यात्रा निकालकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाता है।
कार्यक्रम में पंडित शैलेंद्र द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चारण कराया। इस दौरान ऐश्वर्य नागर, प्रेरणा मेहता, चेतना नागर, भावना, संजीता सहित त्रिशूल शिवगण वाहिनी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।