भ्रामक लेबलिंग पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: 100 किलो टोफू नष्ट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में।
By Shubh Bhaskar ·
04 Jul 2026 ·
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भ्रामक लेबलिंग पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: 100 किलो टोफू नष्ट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- राजस्थान में "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावे करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। मुख्यमंत्री के निर्देशन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में एक टोफू निर्माण इकाई और एक ई-कॉमर्स वेयरहाउस पर सख्त कार्यवाही की।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम ने नाड़ा की ढाणी, गोल्यावास स्थित मैसर्स गौड़ हेल्दी फूड का निरीक्षण किया। जांच में "सिल्कन" ब्रांड के टोफू पैकेटों पर "रिच इन विटामिन", "हेल्प्स इन स्ट्रेंथनिंग बोन्स", "रिड्यूस रिस्क ऑफ एनीमिया", "एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज" और "लोवर्स कोलेस्ट्रॉल लेवल्स" जैसे अप्रमाणित स्वास्थ्य संबंधी दावे अंकित पाए गए।
कार्यवाही के दौरान टोफू के नमूने लिए गए तथा विक्रय के लिए तैयार करीब 100 किलोग्राम टोफू नष्ट कराया गया। इसके अलावा पैकिंग के लिए रखे लगभग 2000 पाउच सीज कर दिए गए। नए स्वीकृत लेबल मिलने तक उत्पाद के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
इसी अभियान के तहत मालवीय नगर स्थित ब्लिंकिट के वेयरहाउस का भी निरीक्षण किया गया। यहां "फास्ट अप रीलोड" ब्रांड की नॉन-कार्बोनेटेड बेवरेज को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर "स्पोर्ट्स ड्रिंक" के रूप में प्रचारित कर बेचा जा रहा था। विभाग ने उत्पाद के नमूने लेकर डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं और नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि FSSAI के अनुसार "स्पोर्ट्स ड्रिंक" और "एनर्जी ड्रिंक" जैसे शब्दों के लिए कोई निर्धारित मानक नहीं हैं। बिना वैज्ञानिक प्रमाण के किसी खाद्य उत्पाद को रोग निवारण, स्वास्थ्य सुधार या चिकित्सीय लाभ से जोड़कर प्रचारित करना Food Safety and Standards Act, 2006 तथा संबंधित नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर लिखे स्वास्थ्य संबंधी दावों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें, केवल वैध FSSAI लाइसेंस और सही लेबलिंग वाले उत्पाद ही खरीदें तथा संदिग्ध उत्पादों की सूचना विभाग को दें।
प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।