ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

पर्यावरण की करें सुरक्षा, प्लास्टिक बैग्स की करें उपेक्षा: *डॉ. शर्मा*

By Shubh Bhaskar · 03 Jul 2026 · 8 views
पर्यावरण की करें सुरक्षा, प्लास्टिक बैग्स की करें उपेक्षा: *डॉ. शर्मा*

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्ति दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अनेक संगठनों में अच्छे पदों पर जुड़े *डॉ. शर्मा* ने नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग पूरी तरह छोड़कर कपड़े, जूट और कागज के थैलों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस प्रतिवर्ष ०3 जुलाई को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2009 में जीरो वेस्ट यूरोप द्वारा की गई थी।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज पर्यावरण के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बन चुका है। प्लास्टिक मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करता है, भूजल को प्रदूषित करता है तथा नदियों और समुद्र में पहुंचकर जलीय जीवों के जीवन पर गंभीर संकट पैदा करता है। समुद्र में तैरते प्लास्टिक बैग को मछलियां भोजन समझकर निगल लेती हैं, जिससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। वहीं प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें वायु और जल दोनों को प्रदूषित करती हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। ०1जुलाई 2022 से प्लास्टिक स्ट्रॉ,प्लेट, कप,गिलास,चम्मच,गुब्बारों की डंडियां तथा थर्माकोल से बनी सजावटी वस्तुओं के उपयोग पर भी रोक लागू है।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग या सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण, बिक्री अथवा वितरण करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, सात वर्ष तक की कैद या दोनों का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरण क्षति के रूप में स्पॉट फाइन भी लगाया जा सकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट, कपड़े, कागज एवं पत्तों से बने थैले तैयार करने वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को वित्तीय सहायता और सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही राज्य सरकार प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष एक कपड़े का थैला निःशुल्क उपलब्ध कराकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए,जिससे लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
अंत में *डॉ. शर्मा* ने सभी देशवासियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का त्याग करें,बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ रखें तथा दुकानदारों से भी प्लास्टिक बैग का उपयोग बंद करने का आग्रह करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकानदार प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का उपयोग या बिक्री करता हुआ मिले तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में अपना योगदान दें।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube