रैणी के बिणजारी गांव में हरे-भरे पीपल के पेड़ काटने का मामला,ग्रामीणों ने कार्यवाही की उठाई मांग।
By Shubh Bhaskar ·
01 Jul 2026 ·
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रैणी के बिणजारी गांव में हरे-भरे पीपल के पेड़ काटने का मामला,ग्रामीणों ने कार्यवाही की उठाई मांग।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-रैणी- अलवर जिले के रैणी उपखंड क्षेत्र के बिणजारी गांव में हरे-भरे पीपल के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को गांव में दो से तीन पीपल के पेड़ों की कटाई की जा रही थी। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया और तत्काल कार्यवाही की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, डेयरी सचिव पुन्या राम गुर्जर ने सबसे पहले इस मामले की जानकारी मीडिया को दी। इसके बाद रैणी तहसीलदार,पुलिस विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। बताया गया कि तहसीलदार गढ़ी सवाईराम शिविर में होने के कारण संबंधित हल्का पटवारी को मौके पर भेजा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद पटवारी मौके पर पहुंचे। तब तक एक पीपल का पेड़ काटा जा चुका था, जबकि दूसरे पेड़ को काटने की तैयारी चल रही थी। पटवारी ने कथित रूप से ठेकेदार एवं संबंधित पक्षों को पेड़ नहीं ले जाने के निर्देश दिए तथा मामले की सूचना तहसीलदार को भेजने की बात कही।
इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि मामला राजस्व भूमि से जुड़ा होने के कारण आवश्यक कार्यवाही राजस्व विभाग के स्तर पर की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इसी दिन अलवर संसदीय क्षेत्र में केंद्रीय कैबिनेट वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव का जन्मदिन विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर बिनजारी गांव में पीपल जैसे पर्यावरण एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों की कटाई की घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी, रैणी के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र भी सौंपा है, जिसमें हरे-भरे वृक्षों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्यवाही की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में हरे-भरे वृक्षों की अवैध कटाई पर रोक लगाई जा सके।