सफेद कोट में छिपे देवदूत: राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर डॉक्टरों को नमन।
By Shubh Bhaskar ·
01 Jul 2026 ·
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सफेद कोट में छिपे देवदूत: राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर डॉक्टरों को नमन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर *नेशनल क्राइम एंड करप्शन इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (भारत सरकार से पंजीकृत संस्था) के प्रदेशाध्यक्ष व अन्य संगठनों के प्रमुख पदों से जुड़े डॉ. सुरेश चंद शर्मा* ने देशभर के चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण, सेवा और मानवता के प्रति योगदान को नमन किया।
उन्होंने बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष ०1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान चिकित्सक,स्वतंत्रता सेनानी एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृति में मनाया जाता है। उनका जन्म ०1 जुलाई 1882 को हुआ था तथा ०1 जुलाई 1962 को उनका निधन हुआ। चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में वर्ष 1991 से ०1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्हें वर्ष 1961 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
डॉ. शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस समाज के लिए चिकित्सा पेशेवरों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है। डॉक्टर केवल बीमारियों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि लोगों को भावनात्मक संबल देने, स्वास्थ्य संबंधी सही निर्णय लेने में मार्गदर्शन करने तथा समाज के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच प्रभावी संवाद सफल उपचार की आधारशिला है, जिससे मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते व्यावसायीकरण, लापरवाही और संवेदनहीनता के मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि किसी मरीज के साथ चिकित्सा लापरवाही होती है तो वह अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राज्य चिकित्सा परिषद,स्थानीय पुलिस अथवा उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सकता है।
*डॉ. शर्मा* ने बताया कि उनकी संस्था भी चिकित्सा लापरवाही से जुड़े मामलों में पीड़ितों को उचित कानूनी एवं प्रशासनिक मार्गदर्शन देने के लिए सहयोग उपलब्ध कराती है।
उन्होंने सभी अस्पताल संचालकों एवं वरिष्ठ चिकित्सकों से राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे मरीजों को पारदर्शी, किफायती,संवेदनशील और मानवीय चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे तथा चिकित्सा पेशे की नैतिक गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
अंत में *डॉ. शर्मा* ने सभी समर्पित चिकित्सकों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ,सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।