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श्री चारभुजा नाथ मंदिर में द्वितीय नौका विहार महोत्सव, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब विशेष श्रृंगार व नौका विहार के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया धर्मलाभ

By Shubh Bhaskar · 29 Jun 2026 · 4 views
श्री चारभुजा नाथ मंदिर में द्वितीय नौका विहार महोत्सव, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
विशेष श्रृंगार व नौका विहार के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया धर्मलाभ

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को शाहपुरा स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर में द्वितीय नौका विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। महोत्सव के दौरान भगवान श्री चारभुजा नाथ के नौका विहार के दिव्य दर्शन करने के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर "जय श्री चारभुजा नाथ" के जयकारों से गूंज उठा और पूरे वातावरण में भक्ति की सरिता बहती रही।
महोत्सव के अवसर पर भगवान श्री चारभुजा नाथ को आकर्षक नौका स्वरूप में विराजित कर मनमोहक एवं विशेष श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों, विद्युत सज्जा और मनोहारी झांकियों से सुसज्जित नौका में विराजमान ठाकुरजी का स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने नौका विहार के अलौकिक दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, बंदनवारों एवं मनोहारी सजावट से अलंकृत किया गया था। विशेष रोशनी और धार्मिक वातावरण ने महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ-साथ नौका को अपने हाथों से जल में झुलाने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए उत्साहित नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिभाव और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक स्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु परिवार सहित बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे और भगवान श्री चारभुजा नाथ के समक्ष सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया।
आयोजकों ने बताया कि नौका विहार महोत्सव का उद्देश्य भगवान श्री चारभुजा नाथ की सेवा-आराधना के साथ सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं का संरक्षण और जनमानस में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। महोत्सव के सफल आयोजन में मंदिर समिति, सेवादारों एवं श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के पश्चात सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।

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