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ग्राम पीपलून्द के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग, जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

By Shubh Bhaskar · 29 Jun 2026 · 166 views
ग्राम पीपलून्द के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग, जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
ग्राम पीपलून्द के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग, जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

पिपलुन्द-भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील के ग्राम पंचायत पीपलून्द के समस्त ग्रामवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रशासक वेदप्रकाश खटीक के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा के नाम उपखंड अधिकारी, जहाजपुर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम में संचालित करोड़ों रुपये की जनहित एवं विकास परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न करने, ठेकेदारों को धमकाने तथा विकास कार्यों को सुनियोजित ढंग से रुकवाने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) के सहयोग से ग्राम पीपलून्द में औद्योगिक क्षेत्र विकास, राजकीय कृषि महाविद्यालय, पीपलून्द बाईपास, सबलपुरा–पीपलून्द सड़क, धौला चबूतरा से पाल का मंड देवनारायण सड़क तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन सहित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रगति पर हैं। ये सभी परियोजनाएँ क्षेत्र के समग्र विकास एवं आमजन के हित में संचालित की जा रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग गाय, पर्यावरण एवं चारागाह जैसे संवेदनशील विषयों की आड़ लेकर विकास कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि ग्राम में लगभग 1,650 बीघा चारागाह भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 1,550 बीघा से अधिक भूमि का संरक्षण एवं विकास विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से किया जा चुका है। इन विकास कार्यों को ग्राम के लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों का समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों पर अनुचित दबाव बनाने, उन्हें ब्लैकमेल करने एवं धमकाने का प्रयास किया गया। इसमें असफल रहने के बाद अब वे भ्रामक वातावरण बनाकर विकास कार्यों को रुकवाने का षड्यंत्र कर रहे हैं, जिससे ग्राम के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, विकास कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने तथा संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि विकास विरोधी एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामवासी जनहित एवं विकास कार्यों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में वार्ड पंच दीपक खटीक, बन्ना लाल मीणा, कविता चौधरी, काली देवी मीणा, दुर्गा देवी रैगर, पूर्व उपसरपंच राजेश खटीक, रमेश पारीक, रतन पुरी, कजोड़मल साहू, अविनाश गुजराती, गोबिंद गौड़, दुर्गा लाल खटीक, रामप्रसाद कुम्हार, सोराज कुम्हार, विनोद खाती, दिनेश डाड, शंकर तेली, दिलखुश खाती, नंदकिशोर जोशी, गोपाल माली, गोपाल गुर्जर, गोविंद जोशी, बंशी सेन, हरचंद गुर्जर, दिनेश तेली, मोहन तेली, भैरू तेली, देवीलाल खाती, रामलाल धोबी, गोपाल मीणा, राजू प्रजापत, शक्ति सिंह, मांगीलाल रैगर, सुरजमल रैगर, सोकरण तेली, सत्यनारायण हरिजन, कालू हरिजन, राजेन्द्र कंजर, अनिल कंजर, बरदु खटीक, दुर्गेश पुरी, संजय पुरी, भागचंद तेली, शिवशंकर मीणा एवं राकेश तेली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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