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मानसून से पहले सावधान: डेंगू के खिलाफ 10 मिनट की साप्ताहिक तैयारी बचा सकती है पूरा परिवार डॉ. अतुल खाब्या

By Shubh Bhaskar · 09 Jun 2026 · 45 views
मानसून से पहले सावधान: डेंगू के खिलाफ 10 मिनट की साप्ताहिक तैयारी बचा सकती है पूरा परिवार

डॉ. अतुल खाब्या

चित्तौड़गढ़ सहित राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगता है। पिछले कुछ वर्षों में डेंगू केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रहा है। मौसम में नमी बढ़ने, जगह-जगह पानी जमा होने तथा तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल जाता है। यही कारण है कि मानसून शुरू होने से पहले ही नागरिकों को सतर्क हो जाना चाहिए।

डेंगू का मच्छर गंदे नहीं, साफ पानी में पनपता है

आज भी बहुत से लोग यह मानते हैं कि डेंगू केवल गंदगी से फैलता है, जबकि सच्चाई यह है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में भी आसानी से पनप सकता है। घरों में रखे कूलर, पानी की टंकियां, फूलदान, पक्षियों के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, टूटे हुए बर्तन तथा पुराने टायर इसके प्रमुख प्रजनन स्थल बन सकते हैं।

एडीज मच्छर की विशेषता यह है कि यह अधिकतर दिन के समय, विशेषकर सुबह और शाम के घंटों में काटता है। इसलिए केवल रात में मच्छरदानी का उपयोग पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

“हर रविवार, 10 मिनट” का नियम अपनाएं

डेंगू से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है कि सप्ताह में एक दिन केवल 10 मिनट घर और आसपास की जांच के लिए निकालें।

- कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें।
- पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें।
- गमलों की प्लेटों में पानी जमा न होने दें।
- छत पर रखे पुराने टायर, डिब्बे और कबाड़ हटाएं।
- घर, स्कूल और कार्यालय के आसपास जलभराव न होने दें।
- वर्षा के बाद आसपास की सफाई अवश्य करें।

यदि प्रत्येक परिवार यह छोटा सा प्रयास करे तो डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

डेंगू के शुरुआती लक्षण पहचानना जरूरी

डेंगू की शुरुआत सामान्य वायरल बुखार जैसी लग सकती है, लेकिन इसके कुछ विशेष लक्षण होते हैं:

- अचानक तेज बुखार
- तीव्र सिरदर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- अत्यधिक कमजोरी
- मतली या उल्टी
- त्वचा पर लाल चकत्ते

अधिकांश मरीज समय पर उपचार मिलने पर ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है।

केवल प्लेटलेट्स पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं

डेंगू के दौरान लोग अक्सर प्लेटलेट्स की संख्या को लेकर अत्यधिक चिंतित रहते हैं। हालांकि चिकित्सकीय दृष्टि से केवल प्लेटलेट्स की संख्या ही बीमारी की गंभीरता का संकेत नहीं होती।

यदि मरीज में निम्न चेतावनी संकेत दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए:

- लगातार उल्टी होना
- पेट में तेज दर्द
- मसूड़ों या नाक से खून आना
- अत्यधिक बेचैनी
- सांस लेने में कठिनाई
- अत्यधिक कमजोरी या सुस्ती

इन परिस्थितियों में अस्पताल में निगरानी की आवश्यकता पड़ सकती है।

पर्याप्त तरल पदार्थ है उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा

डेंगू में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना चाहिए।

- ओआरएस घोल
- नारियल पानी
- सूप
- नींबू पानी
- साधारण स्वच्छ पानी

डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। विशेष रूप से दर्द या बुखार के लिए स्वयं दवा लेने से पहले चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान

बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों में डेंगू का प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसे व्यक्तियों में बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए तथा शीघ्र जांच और परामर्श लेना चाहिए।

दिन में भी करें बचाव

चूंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय सक्रिय रहता है, इसलिए बचाव के लिए:

- पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
- बच्चों को शरीर ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
- खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं।
- सुरक्षित मच्छररोधी रिपेलेंट का उपयोग करें।
- स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित फॉगिंग और स्वच्छता सुनिश्चित करें।

सामुदायिक भागीदारी ही सबसे बड़ा हथियार

डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। यदि एक घर में भी मच्छरों का प्रजनन स्थल मौजूद है तो पूरा मोहल्ला जोखिम में आ सकता है।

याद रखें

डेंगू का सबसे प्रभावी इलाज अभी भी “बचाव” ही है। मानसून शुरू होने से पहले यदि हम सभी अपने घर, गली और मोहल्ले को मच्छर मुक्त बनाने का संकल्प लें तो चित्तौड़गढ़ को डेंगू मुक्त रखने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।

“सप्ताह के 10 मिनट, डेंगू से सुरक्षा सुनिश्चित”

डॉ. अतुल खाब्या
वरिष्ठ विशेषज्ञ शिशु रोग
श्री सांवलिया जी सामान्य राजकीय अस्पताल चित्तौड़गढ़

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