ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

वर्षा ऋतु में ​नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों में मछली पकड़ने और मत्स्य बीज (फ्राई/फिंगरलिंग) निकालने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध ​ निरीक्षण और जांच के लिए मत्स्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें गठित

By Shubh Bhaskar · 22 May 2026 · 5 views
*वर्षा ऋतु में ​नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों में मछली पकड़ने और मत्स्य बीज (फ्राई/फिंगरलिंग) निकालने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

निरीक्षण और जांच के लिए मत्स्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें गठित

शुभ भास्कर सम्वाददाता संतोष कुमार

उत्तर प्रदेश बलरामपुर वर्षा ऋतु में भारतीय मेजर कार्प मछलियों (जैसे रोहू, कतला, नैन) तथा विदेशी कार्प मछलियों (जैसे कॉमन कार्प, ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प) के प्रजनन काल को देखते हुए जनपद से प्रवाहित होने वाली राप्ती नदी, उससे संबंधित नौखानों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) और मत्स्य बीज एकत्र करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली-1954 के नियम 1(ii) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना जारी की है।
*​01 जून से 30 जुलाई तक मत्स्य शिकारमाही पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध*
​जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार नदियों एवं अन्य सभी प्राकृतिक जल स्रोतों में 01 जून से 30 जुलाई तक की अवधि में मत्स्य शिकारमाही (मछली पकड़ने) पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली-1954 के नियम-3 के तहत 15 जून से 30 जुलाई तक की अवधि में प्रजनन करने वाली (अंडा देने वाली) भारी मछलियों को पकड़ने, नष्ट करने और बाजार में बेचने पर भी कड़ा प्रतिबंध लागू रहेगा, ताकि जलीय जीवों की वंश वृद्धि सुचारू रूप से हो सके।
*​15 जुलाई से 31 अगस्त तक मत्स्य बीज पकड़ने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध*
​नदियों में मत्स्य संपदा के संरक्षण हेतु एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है, जिसके तहत आगामी 15 जुलाई से 31 अगस्त तक की अवधि में मत्स्य फ्राई व फिंगरलिंग आकार (2 से 10 सेंटीमीटर) के छोटे मत्स्य बीज (मछली के बच्चों) को पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार से नदियों से मत्स्य बीज निकालने या उन्हें क्षति पहुँचाने की अनुमति नहीं होगी।
*​कड़ी निगरानी के लिए संयुक्त टीमें गठित*
​प्रतिबंधित अवधि के दौरान नदियों में अवैध रूप से मत्स्य आखेट रोकने और मत्स्य बीज की निकासी की सघन चेकिंग के लिए मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से अधिकृत किया गया है। इस संयुक्त जांच दल में उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) स्तर या उससे उच्च स्तर के अधिकारियों को ही तैनात किया जाएगा। उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम-1948 की धारा 6(3) के तहत नामित मत्स्य पदाधिकारियों को तलाशी लेने और जांच पड़ताल करने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) - 2023 के अंतर्गत उप निरीक्षक पद के पुलिस अधिकारी के समान ही सभी शक्तियां और अधिकार प्राप्त होंगे।
​ यदि कोई भी व्यक्ति निर्दिष्ट अवधि में नदियों या प्राकृतिक जल स्रोतों में अवैध रूप से मछली पकड़ते, मत्स्य बीज का शिकार करते या उसकी बिक्री-परिवहन करते हुए पाया गया, तो उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम-1948 के नियम-5 एवं 6 के उपनियम (1) व (2) के अंतर्गत नियमानुसार कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी जनपदवासियों, विशेषकर मछुआरा समुदाय और स्थानीय नागरिकों से जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube