कोटा अस्पताल कांड: 'खून से सने' सिस्टम पर कांग्रेस का कालिख प्रहार, प्राचार्य के पोस्टर पर पोती स्याही'इस्तीफा दें ।
By Shubh Bhaskar ·
10 May 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
कोटा अस्पताल कांड: 'खून से सने' सिस्टम पर कांग्रेस का कालिख प्रहार, प्राचार्य के पोस्टर पर पोती स्याही'इस्तीफा दें ।
डॉ. निलेश जैन या भुगतें उग्र आंदोलन'—सद्बुद्धि यज्ञ के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अल्टीमेटम, कोटा में भारी उबाल।
कोटा शहर के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का मामला अब एक भीषण जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। रविवार को कोटा की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश ज्वालामुखी बनकर फूटा। गणेश नगर मंडल के नेतृत्व में आयोजित "सद्बुद्धि यज्ञ" का समापन किसी आध्यात्मिक शांति के बजाय प्रशासन के खिलाफ एक आक्रामक जंग के रूप में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने न केवल अस्पताल प्रशासन को घेरा, बल्कि मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. निलेश जैन के पोस्टर पर कालिख पोतकर अपना संदेश साफ कर दिया—"अब जवाबदेही तय होगी, या कुर्सी खाली होगी।"संविदाकर्मियों की 'बलि' पर भड़के नेताप्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे चेतन सोलंकी ने राज्य सरकार की कार्रवाई को 'ढकोसला' करार दिया। उन्होंने कहा कि "सरकार ने महज संविदाकर्मियों को हटाकर जनता की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश की है।
असली गुनहगार वे बड़े अधिकारी और डॉक्टर हैं, जिनकी निगरानी में यह लापरवाही हुई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जब तक प्राचार्य इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं। चेतावनी दी गई है कि अगली बार यह काली स्याही पोस्टर पर नहीं, बल्कि जिम्मेदार चेहरों पर फेंकी जाएगी।मौत का तांडव और सिस्टम की चुप्पीअस्पताल में 4 मई को हुए सीजेरियन ऑपरेशनों के बाद से अब तक दो महिलाओं (पायल और ज्योति) की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी डायलिसिस पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि "दोषियों को सजा मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यहाँ प्रशासन उन्हें 'संरक्षण' देने में जुटा है।"