कोटा सेंट्रल जेल में 'सर्जिकल स्ट्राइक': SP के नेतृत्व में 160 जांबाजों ने घेरी जेल, 35 मिनट तक मचा हड़कंप।
By Shubh Bhaskar ·
28 Apr 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
कोटा सेंट्रल जेल में 'सर्जिकल स्ट्राइक': SP के नेतृत्व में 160 जांबाजों ने घेरी जेल, 35 मिनट तक मचा हड़कंप।
तकनीक और सतर्कता का मेल: मेटल डिटेक्टर और NLJD मशीनों के साथ बैरकों में पहुंची पुलिस ।
कोटा शहर की सुरक्षा व्यवस्था को परखने और सलाखों के पीछे छिपे अपराधियों के मंसूबों को ध्वस्त करने के लिए मंगलवार शाम कोटा पुलिस ने केंद्रीय कारागृह में अब तक की सबसे बड़ी 'औचक चेकिंग' को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के नेतृत्व में जब 160 पुलिसकर्मियों का लश्कर अचानक जेल के भीतर दाखिल हुआ, तो वहां मौजूद बंदियों और स्टाफ में हड़कंप मच गया।
चप्पे-चप्पे की खाक छानी, हार्डकोर वार्डों में बढ़ी धड़कनें
शाम ठीक 6:15 बजे, जब जेल के मुख्य द्वार खुले, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि पुलिस की यह 'विजिट' जेल की दीवारों को हिला देगी। टीम ने बैरक, लंगर (रसोई), जेल अस्पताल और सबसे संवेदनशील 'हार्डकोर वार्ड' को अपने घेरे में ले लिया। पुलिस ने कैदियों के बिस्तर से लेकर उनके निजी सामान तक की गहराई से पड़ताल की।
हाई-टेक सर्च:- जमीन के नीचे भी तलाश तलाशी केवल नजरों से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक मशीनों से की गई। NLJD (नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर) के जरिए दीवारों और जमीन के अंदर छिपे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को खोजने की कोशिश हुई। मेटल डिटेक्टरों की बीप ने जेल के हर कोने को खंगाला ताकि कोई सुई भी कानून की नजरों से न बच सके।
क्लीन चिट: -अभेद्य मिली सुरक्षा की दीवार करीब 35 मिनट तक चले इस कड़े इम्तिहान के बाद नतीजा राहत भरा रहा। एसपी तेजस्वनी गौतम ने पुष्टि की कि जेल के चप्पे-चप्पे को खंगालने के बाद भी कोई भी अवैध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। यह कोटा जेल प्रशासन की मुस्तैदी पर मुहर लगाता है कि यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था वाकई अभेद्य है।
अधिकारियों का भारी जमावड़ा
इस खास ऑपरेशन में एडीएम (शहर) अनिल सिंघल, एएसपी दिलीप कुमार सैनी, जेल अधीक्षक भैरू सिंह राठौड़ और 13 थानों के इंचार्ज समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।