न्याय के मंदिर में 'बाबू' का बड़ा खेल: जज बनकर खुद ही टाइप कर दिया फैसला, फर्जी।
By Shubh Bhaskar ·
05 Apr 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
न्याय के मंदिर में 'बाबू' का बड़ा खेल: जज बनकर खुद ही टाइप कर दिया फैसला, फर्जी।
दस्तखत कर थमा दी नकल; अब पुलिस की गिरफ्त में 'जालसाज'
कोटा पुलिस शहर नयापुरा में न्यायपालिका की गरिमा को ठेंगा दिखाने वाले एक शातिर बाबू को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी बाबू ने न केवल खुद अपनी मर्जी से अदालत का फैसला टाइप किया, बल्कि पीठासीन अधिकारी (जज) के फर्जी हस्ताक्षर कर 'डिग्री' की नकल भी जारी कर दी। कोटा शहर एसपी तेजस्वनी गौतम के निर्देशन में नयापुरा पुलिस ने फरार चल रहे इस 'वांटेड' मास्टरमाइंड को दबोचने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
कुर्सी का गलत इस्तेमाल: खुद बना 'जज' और खुद ही सुनाया फैसला!
मामला किसी फिल्म की कहानी जैसा है। निलंबित सहायक प्रशासनिक अधिकारी हरिशंकर (50) पुत्र गोविंद दास ने प्रकरण संख्या 96/2024 में भारी खेल कर दिया। जब मामला कोर्ट में विचाराधीन था, तब बाबू ने बिना किसी कानूनी आदेश के खुद ही निर्णय का ड्राफ्ट तैयार किया। हद तो तब हो गई जब उसने पीठासीन अधिकारी के कूटरचित (जाली) हस्ताक्षर कर दिए और बाकायदा फैसले की कॉपी भी जारी कर दी।
शिकायत के बाद से था फरार, पुलिस ने बिछाया जाल
इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर सहायक कलेक्टर मुख्यालय हुकुम कंवर ने 7 मार्च 2025 को नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होते ही शातिर बाबू फरार हो गया। पुलिस ने मुकदमा नंबर 73/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
एसपी की स्पेशल टीम ने किया 'ऑपरेशन क्लीन'
एएसपी दिलीप सैनी और डीएसपी डॉ. पूनम के सुपरविजन में नयापुरा थानाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी हरिशंकर को गिरफ्तार कर लिया।