किसान बने आत्म निर्भर
By Shubh Bhaskar ·
20 Mar 2026 ·
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किसान बने आत्म निर्भर
दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान चित्तौड़गढ़ कैलाश चंद्र सेरसिया
कृषि विज्ञान केन्द्र में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वितरित किये सोलर सायरन सिस्टम सोलर होम लाइटिंग सिस्टम। बढ़ते बिजली के दामों से आज हर कोई परेशान है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर घर रोशनी के लिए चिंताजनक विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि को रोशनी के लिए परंपरागत इंधन जैसे केरोसिन, लैम्प का इस्तेमाल करने से महिलाओं का स्वास्थ एक उम्र के पश्चात काफी हद तक खराब देखने को मिल रहा है। आये दिन ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र चित्तौडगढ़ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रतन लाल सोलंकी ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा आधारित होम लाइटिंग सिस्टम के बारे मे जागरूक करवाया। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर की अखिल भारतीय समन्वित कृषि एवं कृषि उद्योगों में ऊर्जा के लिए अनुसंधान परियोजना के माध्यम से के वी में चित्तौडगढ़ में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पत्र करवाया। उदयपुर से आये परियोजना अधिकारी कपिल सामर ने सोलर होम लाइटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसे सोलर प्लेट द्वारा 6 से 7 घंटे में पूर्ण चार्ज कर पूरी रात खेत या घर पर प्रकाश हेतु काम मे लिया जा सकता है। इसके साथ इसमें मोबाइल चार्जिंग की भी वैकल्पिक सुविधा दी गई है।डॉ. सोलंकी ने सोलर सायरन सिस्टम पर जानकारी देते हुए बताया कि रोजड़ों (नील गायों )और जंगली सुअर के रात्रि में होने वाले हमलो से खेती में काफी नुकसान होता है जिसके निवारण हेतु सस्ता और किफायती सोलर सायरन सिस्टम लगाया जा सकता है। ये सोलर पैनल से दिन में सूर्य की रोशनी में चार्ज होता है और रात्रि में एक एक मिनिट के अंतराल में सायरन जैसी आवाज कर जंगली जानवरों में डर पैदा करता है जिसकी वजह से जानवरो का आना जाना खेतो में न के बराबर रहता है। कपिल सामर ने सौर ऊर्जा आधारित उपकरणो एवं बायोगैस के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सामर ने किसानो को संबोधित करते हुए उनके ही क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध कृषि अपशिष्ट और पशु अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन की तकनिकी, रख रखाव, मासिक एवं वार्षिक लाभ के बारे में बताया।कार्यक्रम के समापन के दौरान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत ग्राम पंचायत के एससी वर्ग के किसानो को एक एक सोलर होम लाइटिंग सिस्टम और सोलर सायरन सिस्टम वितरित किये। कार्यक्रम के दौरान परियोजना की और से गजेन्द्र पटेल आदि मोजूद थे।