ढीकोला में जैविक क्रांति, कोफेड के निःशुल्क पंजीयन शिविर में उमड़ा किसानों का उत्साह
By Shubh Bhaskar ·
18 Mar 2026 ·
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ढीकोला में जैविक क्रांति, कोफेड के निःशुल्क पंजीयन शिविर में उमड़ा किसानों का उत्साह
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढीकोला में कृषि भूमि एवं पशुधन के जैविक प्रमाणीकरण (पीजीएस ग्रीन) हेतु 18 मार्च 2026 को निःशुल्क पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कोफारमिन फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक सोसाइटीज एंड प्रोड्यूसर कम्पनीज (कोफेड) के तत्वावधान में ग्राम पंचायत भवन ढीकोला में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों एवं पशुपालकों ने भाग लेकर पंजीयन करवाया और जैविक खेती की ओर अपने कदम बढ़ाए।
कार्यक्रम के दौरान नवनीत चौधरी ने अवगत कराया कि ढीकोला में कोफेड द्वारा मिल्क चिलिंग प्लांट एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा इसके शीघ्र पूर्ण होकर प्रारंभ होने की संभावना है। इस पहल से न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ कृषि भूमि की उर्वरता में भी सुधार होगा। शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
शिविर के दौरान जैविक खेती के लाभों पर भी प्रकाश डाला गया। किसानों को बताया गया कि जैविक उत्पादन से उन्हें बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त होगा, रासायनिक उर्वरकों के अभाव में मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी तथा विषमुक्त अनाज उत्पादन से समाज के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार होगा।
कोफेड के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय कृषि विशेषज्ञ जीतेंद्र सेवावत के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का उद्देश्य संपूर्ण ग्राम पंचायत को शत-प्रतिशत जैविक बनाना है। ढीकोला पंचायत दक्षिण-पूर्व राजस्थान की पहली ऐसी पंचायत बनने की दिशा में अग्रसर है, जिसे पीजीएस ग्रीन के अंतर्गत जैविक प्रमाणन प्राप्त होगा।
कोफेड के प्रबंधक संदीप सिंह ने उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया, इसके लाभ एवं आयवृद्धि की संभावनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोफेड द्वारा राजस्थान की 300 ग्राम पंचायतों को पीजीएस ग्रीन के तहत जैविक रूप से प्रमाणित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें भीलवाड़ा, अजमेर, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़ एवं बीकानेर जिले शामिल हैं।