यूजीसी कानून को लेकर घबराई सरकार तानाशाही पर उतारू, भाजपा सामान्य वर्ग की धोखेबाज पार्टी: *जोशी*
By Shubh Bhaskar ·
09 Mar 2026 ·
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यूजीसी कानून को लेकर घबराई सरकार तानाशाही पर उतारू, भाजपा सामान्य वर्ग की धोखेबाज पार्टी: *जोशी*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- दिल्ली- यूजीसी कानून के विरोध में ०8 मार्च को रामलीला मैदान व जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बस,ट्रेन और निजी साधनों से दिल्ली पहुंचे। अनेक जगहों से पहुंचे संगठन के लोग- जैसे संत समाज के पदाधिकारि राजगढ़ ठिकाना गंगाबाग के महंत प्रकाश दास महाराज,राष्ट्रीय सवर्ण दल के राजस्थान प्रदेश संरक्षक देशबंधु जोशी,अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति व शिवशक्ति संगठन और बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय तथा मजदूर यूनियन के जिला व श्रमजीव पत्रकार संघ के तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी,ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजेश ठेकेदार, एडवोकेट भूपेंद्र शर्मा,मनोज जैमन,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबा पंडित त्रिलोक तिवाडी,बैनी प्रसाद कोशिक दिनेश प्रधान, नरेंद्र अवस्थी,गोपाल शर्मा, संस्कार सैन तथा हाउस अरेस्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर सुरेश चंद शर्मा,राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता के नशे में प्रशासनिक ताकत का दुरुपयोग कर रही है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकारों के गले में लटके प्रेस कार्ड तक छीन लिए गए, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।जोशी ने कहा कि सामान्य वर्ग ने भाजपा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन अब वही वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियों से सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित था,लेकिन उससे पहले पहुंचे लोगों को ही पुलिस ने पकड़कर अलग-अलग पुलिस थानों में भेज दिया। वहां उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कर बाद में छोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी करने के भी आरोप लगाए।
प्रदर्शन में मौजूद राष्ट्रीय सवर्ण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.सी. गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार आंदोलन से घबराई हुई है। वहीं आजाद मंच भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राणा ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अचानक स्वीकृति निरस्त कर यूजीसी विरोध प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया है, जो उसकी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया तो इसका खामियाजा आगामी चुनावों में भुगतना पड़ सकता है। प्रदर्शन में आए लोगों ने सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया।