नैनी बाई का मायरा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है:- संत मनोहरदास
By Shubh Bhaskar ·
24 Dec 2025 ·
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नैनी बाई का मायरा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है:- संत मनोहरदास
भामाशाह सम्मान समारोह, नैनी बाई मायरा कथा संपन्न,हैप्पी क्लब के रक्तदान शिविर में 101 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान
पीपाड़ सिटी। कस्बे में सामाजिक, धार्मिक और मानव सेवा से ओतप्रोत एक भव्य आयोजन देखने को मिला। माली सैनी शिक्षा सेवा संस्थान छात्रावास परिसर में आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह, नैनी बाई मायरा कथा एवं भजन संध्या का गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान समाज के भामाशाहों का सम्मान कर उनके अनुकरणीय योगदान को नमन किया गया।
नैनी बाई मायरा कथा का वाचन रामस्नेही संत मनोहर दास जी महाराज के श्रीमुख से हुआ। संत मनोहर दास महाराज ने मायरा प्रसंग के माध्यम से भक्ति, त्याग, दान और नारी सम्मान का भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नैनी बाई का मायरा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि पारिवारिक मूल्यों, समाज के प्रति कर्तव्य और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है। कथा के दौरान पांडाल में “राम नाम” और “हरि बोल” के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।
रात्रि में आयोजित भजन संध्या ने श्रद्धा और संगीत का अद्भुत समां बांध दिया। भजन गायिका भावना वैष्णव एवं दिव्या द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। एक से बढ़कर एक भक्ति भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। देर रात तक चले भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
इसी आयोजन के तहत हैप्पी क्लब की ओर से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ने मानव सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। संस्था के संस्थापक दिनेश सिंह कच्छावाह ने बताया कि शिविर में युवाओं एवं समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए 101 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदाताओं का आयोजकों द्वारा माला पहनाकर एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मान किया गया। आयोजकों ने बताया कि रक्तदान से कई जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा।
समापन अवसर पर पूर्व संयुक्त निदेशक शिक्षा प्रेमचंद सांखला ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह समाज को सेवा की प्रेरणा देता है, नैनी बाई मायरा कथा आत्मिक चेतना जागृत करती है और भजन संध्या मन को शांति प्रदान करती है, वहीं रक्तदान शिविर मानवता की सच्ची सेवा का प्रतीक है। संस्था अध्यक्ष सुरेंद्र टाक ने संत मनोहरदास महाराज, भजन गायिकाओं, समस्त भामाशाहों, रक्तदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन गोबरसिंह कच्छावाह, नरेश सांखला, माधुसिंह कच्छावाह,अमृतलाल सांखला व भोमसिंह सोलंकी ने किया।