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जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्यवाही: एसीबी की एसआईटी ने ०9 आरोपियों को किया गिरफ्तार!

By Shubh Bhaskar · 19 Feb 2026 · 5 views
जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्यवाही: एसीबी की एसआईटी ने ०9 आरोपियों को किया गिरफ्तार!

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- राजस्थान में जल जीवन मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में आज तड़के बड़ी कार्यवाही करते हुए राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने ०9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्यवाही प्रकरण संख्या 245/2024 के तहत की गई।
एसीबी द्वारा गठित एसआईटी ने करीब डेढ़ दर्जन टीमों के साथ जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर एक साथ दबिश दी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर निम्न अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया—
दिनेश गोयल (वर्तमान मुख्य अभियंता प्रशासन)
के.डी. गुप्ता (वर्तमान मुख्य अभियंता ग्रामीण)
सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव आरडब्ल्यूएसएसएम, वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय)
सुशील शर्मा (वर्तमान वित्तीय सलाहकार, अक्षय ऊर्जा)
निरिल कुमार (वर्तमान मुख्य अभियंता, चूरू)
विशाल सक्सेना (अधिशासी अभियंता, वर्तमान में निलंबित)
अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त)
डी.के. गौड़ (तत्कालीन मुख्य अभियंता एवं तकनीकी सदस्य, सेवानिवृत्त)
महेन्द्र प्रकाश सोनी (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सेवानिवृत्त)
फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर करोड़ों के टेंडर हासिल
प्रकरण संख्या 145/2024 की जांच में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कंपनी (प्रोपराइटर महेश मित्तल) और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कंपनी (प्रोपराइटर पदमचंद जैन) ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र तैयार किए।
इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के उच्च अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लगभग 960 करोड़ रुपये के विभिन्न टेंडर हासिल किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि 50 करोड़ रुपये से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में नियमों के विरुद्ध ‘साइट विजिट प्रमाण-पत्र’ की शर्त जोड़ी गई, जिससे बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई और टेंडर पूलिंग को बढ़ावा मिला। परिणामस्वरूप असामान्य रूप से उच्च प्रीमियम वाले टेंडर स्वीकृत किए गए, जिससे हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं।
एसआईटी का गठन और पूर्व कार्यवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।
एसीबी इससे पहले भी जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रैप कार्यवाही करते हुए प्रकरण संख्या 215/2023 दर्ज कर चुकी है, जिसमें 11 आरोपियों और ०2 फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
इस पूरी कार्यवाही की निगरानी महानिरीक्षक पुलिस द्वितीय राजेश सिंह और उपमहानिरीक्षक पुलिस प्रथम डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में की गई। अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है और आगे की कार्यवाही प्रचलित है।

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