ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

नानी बाई रो मायरो: चौथे दिन भक्ति रस में डूबी धर्मनगरी, सैकड़ों भामाशाहों के सम्मान के साथ कथा का समापन आज"

By Shubh Bhaskar · 23 Dec 2025 · 359 views
"नानी बाई रो मायरो: चौथे दिन भक्ति रस में डूबी धर्मनगरी, सैकड़ों भामाशाहों के सम्मान के साथ कथा का समापन आज"

पीपाड़ सिटी। माली (सैनी) शिक्षा सेवा संस्थान छात्रावास परिसर में आयोजित नानी बाई मायरा कथा के चौथे दिन का वाचन बड़े रामद्वारा जोधपुर के रामस्नेही संत मनोहर दास महाराज द्वारा किया गया। कथा के दौरान पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और वातावरण भक्ति रस से सराबोर नजर आया।संत मनोहर दास महाराज ने नानी बाई मायरा प्रसंग के माध्यम से भक्ति, त्याग, सेवा और विश्वास के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें अहंकार का त्याग और मानव सेवा की भावना हो। नानी बाई के मायरा प्रसंग को जीवन में संस्कार, पारिवारिक मूल्यों और समाज के प्रति कर्तव्य से जोड़ते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।
कथा वाचन के दौरान भजन-कीर्तन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। “हरि नाम सुमिरन” और “नानी बाई रो मायरो” जैसे भजनों पर महिलाएं व पुरुष श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कथा के साथ-साथ भामाशाहों के योगदान की भी सराहना की गई, जिनके सहयोग से धार्मिक व सामाजिक कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। छात्रावास निर्माण में अपना अतुल्य योगदान देने वाले भामाशाह सुरेश कच्छावाह, अमराराम मारोटिया ,पूसाराम सहित अन्य परिवारो का संस्थान द्वारा स्वागत सत्कार किया गया।
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया की चौथे दिन की कथा ने श्रद्धालुओं के मन में आस्था, विश्वास और सामाजिक समर्पण की भावना को और प्रगाढ़ किया। रात्रि के समय शोभा माली एंड पार्टी द्वारा अनेकों भजनों की प्रस्तुति दी गई।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube