महर्षि दयानंद सरस्वती की मनाई जयंती- *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
12 Feb 2026 ·
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महर्षि दयानंद सरस्वती की मनाई जयंती- *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- भारत के महान विद्वान, समाज सुधारक एवं आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती 12 फरवरी को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सर्व समाज जागृति संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शिव शक्ति संगठन तथा बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने कहा कि 12 फरवरी 1824 को जन्मे महर्षि दयानंद सरस्वती ने भारतीय समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, ज्ञान और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों की ओर लौटने का संदेश देकर समाज को अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और कुरीतियों से मुक्त करने का अभियान चलाया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और समाज में समानता पर विशेष बल दिया। उनके गुरु स्वामी विरजानंद थे, जिनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने समाज सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1875 में महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य हिंदू समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर सामाजिक और धार्मिक सुधार करना था। महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती वर्ष 2026 का विषय “तर्कसंगत चिंतन के माध्यम से वैदिक ज्ञान का पुनरुद्धार तथा जातिगत भेदभाव,अंधविश्वास और सामाजिक अन्याय का विरोध” है। उन्होंने सभी वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की महान कृति सत्यार्थ प्रकाश आज भी समाज को नैतिकता, सत्य और समानता का संदेश देती है। उन्हें आधुनिक भारत के निर्माताओं में से एक माना जाता है। उनके विचारों ने लाला लाजपत राय, भगत सिंह और स्वामी श्रद्धानंद जैसे महान नेताओं को भी प्रेरित किया।
उन्होंने अंत में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती का प्रसिद्ध नारा “वेदों की ओर लौटो” आज भी समाज को ज्ञान और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।