पीपल्दा की उम्मीदों पर 'बजट' की बिजली गिरी: विधायक कोलाना ने सरकार को घेरा
By Shubh Bhaskar ·
11 Feb 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
पीपल्दा की उम्मीदों पर 'बजट' की बिजली गिरी: विधायक कोलाना ने सरकार को घेरा
अन्नदाता को मिला AI का 'झुनझुना', युवाओं के हाथ खाली, पीपल्दा के साथ हुआ 'सौतेला' व्यवहार!
चेतन पटेल कोलाना बोले- यह विकास का बजट नहीं, किसानों और बेरोजगारों के साथ किया गया 'छलावा' है।
कोटा/इटावा में प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट पीपल्दा के किसानों, युवाओं और आमजन के लिए 'जख्मों पर नमक' जैसा साबित हुआ है। पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना ने बजट पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह दिशाहीन और पक्षपातपूर्ण करार दिया है।
किसानों को तकनीक का डर, जमीन पर बुनियादी ढांचा शून्य
विधायक कोलाना ने कहा कि पीपल्दा पूरी तरह कृषि पर निर्भर क्षेत्र है। यहाँ के किसानों को उम्मीद थी कि सरकार कृषि विश्वविद्यालय या मिट्टी प्रशिक्षण प्रयोगशाला की सौगात देगी, लेकिन सरकार ने किसानों को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के मायाजाल में उलझाकर छोड़ दिया। उन्होंने सवाल किया कि जिस किसान को अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा, उसे तकनीक के सपने दिखाना कहाँ का न्याय है?
युवाओं को नौकरी नहीं, सिर्फ 'शब्दों की बाजीगरी' मिली
विधायक ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार मांग रहा है, लेकिन बजट में उन्हें केवल खुद का काम शुरू करने की नसीहतें दी जा रही हैं। बिना किसी विजन के युवाओं को निरंतर जुमले देना उनके भविष्य के साथ भद्दा मजाक है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों को बंद करना और परीक्षाओं के बीच शिक्षकों का तबादला करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
बर्बाद स्वास्थ्य सेवाएं और दम तोड़ती योजनाएं
बजट पर बरसते हुए कोलाना ने कहा कि मनरेगा जैसी जीवनदायिनी योजना को कमजोर कर दिया गया है और स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। आमजन, मजदूर, महिला और गरीब वर्ग इस सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं रख सकता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार को माननीय सुप्रीम कोर्ट रोज फटकार लगा रहा हो, वह प्रदेश का क्या भला करेगी?