त्रिपोलिया बाजार आतिश मार्केट पार्किंग में भ्रष्टाचार का खुलासा, नगर निगम कर्मचारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप।
By Shubh Bhaskar ·
10 Feb 2026 ·
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त्रिपोलिया बाजार आतिश मार्केट पार्किंग में भ्रष्टाचार का खुलासा, नगर निगम कर्मचारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप
त्रिपोलिया बाजार आतिश मार्केट पार्किंग में भ्रष्टाचार का खुलासा, नगर निगम कर्मचारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- न्यू गेट के पास स्थित त्रिपोलिया बाजार के आतिश मार्केट में संचालित पार्किंग व्यवस्था में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों और वाहन मालिकों की लगातार शिकायतों के बाद ‘देश का दर्पण’ न्यूज टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें नगर निगम कर्मचारियों पर सरकारी नियमों की अनदेखी कर धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार यह पार्किंग नगर निगम द्वारा अपने कर्मचारियों के माध्यम से संचालित की जा रही है, लेकिन यहां अवैध वसूली और रिकॉर्ड में हेराफेरी की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जांच के दौरान टीम ने लगभग दो से तीन घंटे तक पार्किंग स्थल पर रहकर स्थानीय लोगों और वाहन मालिकों से बातचीत की।
जांच में सामने आया कि कई वाहन मालिक स्थायी पार्किंग के लिए प्रतिमाह लगभग 2,500 रुपये का भुगतान कर रहे हैं, जबकि नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में ऐसी किसी व्यवस्था का उल्लेख नहीं है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने इस व्यवस्था की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन वाहन मालिकों ने नियमित भुगतान करने की पुष्टि की।
इसके अलावा, चार से पांच घंटे की पार्किंग के लिए 70 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई। कई पुराने और परिचित वाहन मालिकों को बिना रसीद पैसा लिया जा रहा है। आरोप है कि यह राशि कर्मचारियों के बीच आपस में बांट ली जाती है और इसका एक हिस्सा अधिकारियों तक भी पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन से चार कर्मचारियों की मिलीभगत से यह अवैध वसूली लंबे समय से जारी है, जिससे सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि कर्मचारी वर्षों से इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त हैं और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। वहीं एक वाहन मालिक ने कहा कि नियमित भुगतान करने के बावजूद रसीद नहीं मिलने से संदेह बना रहता है कि राशि कहां जा रही है।
जांच में यह मामला संगठित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। स्थानीय व्यापारी संगठनों और नागरिकों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। नगर निगम के प्रवक्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
मिडिया इस मामले पर आगे भी नजर बनाए रखेगा और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा।