आरक्षण समाप्त करने एवं 117वें संविधान संशोधन बिल निरस्त करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन।
By Shubh Bhaskar ·
07 Feb 2026 ·
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आरक्षण समाप्त करने एवं 117वें संविधान संशोधन बिल निरस्त करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- नई दिल्ली- देश में आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने तथा पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित 117वें संविधान संशोधन बिल को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं—मेक इन इंडिया, स्वच्छता अभियान तथा नोटबंदी—का समर्थन करते हुए आरक्षण व्यवस्था की पुनः समीक्षा करने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था प्रारंभ में केवल दस वर्षों के लिए की गई थी, लेकिन समय-समय पर इसकी अवधि बढ़ाई जाती रही है। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि आरक्षण का लाभ समाज के सभी जरूरतमंद वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया है और इसके कारण समाज में असंतोष बढ़ने की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने के लिए जाति के बजाय आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही सुझाव दिया गया कि यदि आरक्षण व्यवस्था को जारी रखा जाता है तो इसे सीमित रूप से एक परिवार से केवल एक व्यक्ति तक तथा समूह ‘ग’ और ‘घ’ श्रेणी की नौकरियों की प्रारंभिक नियुक्ति तक सीमित किया जा सकता है।
ज्ञापन में आयकर सीमा में आने वाले परिवारों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने तथा पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन प्रेषक ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रहित और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर समुचित निर्णय लेने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की है।