यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में संघर्ष समिति की बैठक, 15 मार्च को अलवर बंद व कंपनी बाग में विशाल सभा का निर्णयह।
By Shubh Bhaskar ·
06 Feb 2026 ·
104 views
यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में संघर्ष समिति की बैठक, 15 मार्च को अलवर बंद व कंपनी बाग में विशाल सभा का निर्णयह।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में अग्रसेन मार्ग पर सामान्य वर्ग संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न संगठनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आगामी आंदोलन की रणनीति तय की।
सामान्य वर्ग संघर्ष समिति के संयोजक विशंभर दयाल वशिष्ठ ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को शाम 4:30 बजे नेहरू उद्यान स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा स्थल पर यूजीसी के विरोध में नारेबाजी कर कानून को वापस लेने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति इस कानून का पुरजोर विरोध करेगी और आवश्यकता पड़ने पर उग्र प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
श्री राजपूत सभा अलवर इकाई के अध्यक्ष सूरजभान गौड़ ने कहा कि क्षत्रिय समाज धर्म निभाते हुए इस कानून का विरोध करेगा और यूजीसी को इसे वापस लेना ही होगा।
अलवर जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा एवं संयुक्त व्यापारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष व सलाहकार राजकुमार गोयल ने कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो 15 मार्च को अलवर बंद रखा जाएगा। इस दौरान आमजन की भागीदारी से शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों से विशाल रैली व प्रदर्शन निकालते हुए पुरजन विहार स्थित कंपनी बाग में विशाल सभा आयोजित की जाएगी। आयोजन से पूर्व घर-घर संपर्क अभियान चलाकर पत्रक वितरण के माध्यम से कानून की जानकारी दी जाएगी।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यूजीसी को यह कानून वापस लेना चाहिए, अन्यथा सरकार को यूजीसी को समाप्त करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर केंद्र सरकार जातिविहीन समाज की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस कानून के माध्यम से सामाजिक वैमनस्यता बढ़ने की आशंका है।
बैठक में पृथ्वीसिंह नरूका, अतुल किशोर गुप्ता, विनोद कुमार शर्मा, विजय अग्रवाल, राकेश अरोड़ा, अशोक आहूजा, अविनाश माथुर, ओ.पी. शर्मा, रामावतार चौहान, दीपक सिंह तंवर, मनोज बेड़ा,आचार्य राजेंद्र पंडित,नागपाल शर्मा माचाड़ी, गिरधारी लाल शर्मा, विजय भारद्वाज, मोना दुबे सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।