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परशुराम सेना राजस्थान ने ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म के टीज़र पर जताई आपत्ति, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।

By Shubh Bhaskar · 06 Feb 2026 · 26 views
परशुराम सेना राजस्थान ने ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म के टीज़र पर जताई आपत्ति, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- परशुराम सेना राजस्थान ने नेटफ्लिक्स पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के जारी हुए टीज़र पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने फिल्म के शीर्षक को जातिवादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाला बताते हुए इसे सोशल मीडिया और प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की है।
परशुराम सेना राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर संभाग प्रभारी जितेन्द्र कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि फिल्म का शीर्षक केवल एक मनोरंजन सामग्री का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज में जातिगत सोच को बढ़ावा देने का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शीर्षक में ब्राह्मण समाज का नाम जोड़कर उसे अपराध, भ्रष्टाचार और अनैतिकता जैसे नकारात्मक पहलुओं से जोड़ना करोड़ों लोगों की सामाजिक गरिमा और सम्मान पर आघात है। रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर किसी जाति या समाज को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है।
मिश्रा ने स्पष्ट किया कि संगठन का विरोध किसी अभिनेता, कलाकार या रचनात्मक माध्यम से नहीं है, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो जाति विशेष को बदनाम कर मनोरंजन प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का देश की संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है और इस प्रकार का शीर्षक सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ओटीटी प्लेटफॉर्म होने के बावजूद नेटफ्लिक्स द्वारा इस प्रकार के शीर्षक को प्रसारित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जातिगत अपमान को सामान्य बनाने का संदेश जाता है, जिसे समाज किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
परशुराम सेना ने सरकार से मांग की है कि फिल्म के शीर्षक पर तत्काल रोक लगाई जाए, नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माताओं से सार्वजनिक स्पष्टीकरण एवं माफी जारी करवाई जाए तथा भविष्य में किसी भी समुदाय को लक्षित करने वाले जातिवादी शीर्षकों और सामग्री से परहेज किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो देशभर में परशुराम सेना और ब्राह्मण समाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगा। साथ ही सरकार, सेंसर बोर्ड और संबंधित नियामक संस्थाओं से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री की सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई है।
परशुराम सेना राजस्थान ने कहा कि वह समाज में सौहार्द, सम्मान और समानता की पक्षधर है, लेकिन किसी भी समुदाय के आत्मसम्मान पर चोट करने वाले प्रयासों का विरोध जारी रहेगा।

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