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इंसानियत ग्रुप की अनोखी पहल: सातवीं गरीब बिटिया का विवाह कराने को आगे आए प्रवासी सदस्य

By Shubh Bhaskar · 04 Feb 2026 · 163 views
इंसानियत ग्रुप की अनोखी पहल: सातवीं गरीब बिटिया का विवाह कराने को आगे आए प्रवासी सदस्य
दैनिक शुभ भास्कर नीरज प्रजापति उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड
उरई/जालौन। सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल बन चुके इंसानियत ग्रुप ने एक और जरूरतमंद परिवार की बेटी का विवाह कराने की जिम्मेदारी उठाई है। इससे पहले ग्रुप छह गरीब बेटियों का विवाह सम्पन्न कर चुका है, और अब सातवीं कन्या के घर बसाने में जुट गया है।
दिल्ली, नोएडा, चेन्नई, लखनऊ, बेंगलुरु और गुजरात सहित देश के विभिन्न शहरों में रहने वाले ग्रुप के सदस्य निरंतर गरीब और असहाय परिवारों की मदद में सक्रिय रहते हैं। सामूहिक सहयोग की यह परंपरा अपने आप में प्रेरक उदाहरण कही जा रही है।
ग्रुप के प्रमुख सदस्य सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि यह सब मां की कृपा और प्रेरणा से संभव हो पाता है। उनके अनुसार,
“हम तो सामान्य लोग हैं, मां ही हमें सेवा की शक्ति देती हैं। उसी आशीष से हम किसी जरूरतमंद की सहायता का माध्यम बन पाते हैं।”
साइकिल से आया पीड़ित परिवार, ग्रुप ने उठाई जिम्मेदारी
आज एक अत्यंत गरीब परिवार के दो सदस्य साइकिल से शहर पहुंचे। संकोच से भरे रहने के कारण वे देर तक चुप बैठे रहे। अंततः उन्होंने अपनी बहन की 25 फरवरी को होने वाली शादी का दुखड़ा सुनाया और बताया कि आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि इंसानियत ग्रुप की उदारता की चर्चाएं सुनकर ही वे मदद की उम्मीद में यहां आए हैं।
सिर्फ 100 रुपये की अपील, और उमड़ पड़ा सहयोग
मामला सुनते ही सुमित ने ग्रुप सदस्यों से विनम्र आग्रह किया कि—
“जिस तरह हम शादी-ब्याह में कम से कम 100 रुपये का व्यवहार देते ही हैं, क्यों न वही 100 रुपये हम इस कन्या के लिए पहले से मिलकर दे दें? जिसे अधिक सहयोग देना हो, वह अपनी इच्छा अनुसार दे सकता है।”
यह अपील सदस्यों के दिलों को छू गई। देखते ही देखते सिर्फ एक घंटे में हजारों रुपये एकत्र हो गए। किसी ने टीवी देने की घोषणा की, तो किसी ने अलमारी। किसी सदस्य ने सोफा सेट दिया, तो किसी ने सिलेंडर। वहीं कई सदस्यों ने चांदी की पायल और बिछिया उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उठाई।
समर्पित प्रयासों से बस रहा है एक और घर
इंसानियत ग्रुप का उद्देश्य है कि यह कन्या पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ अपने नए जीवन में प्रवेश करे। ग्रुप ने प्रार्थना की कि मां की कृपा से यह घर सुचारु रूप से बस जाए और कन्या का जीवन खुशहाल हो।
सामूहिक मानवता, सामाजिक एकजुटता और सेवा-भाव का यह अनोखा उदाहरण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ

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