आचार्यश्री रामदयाल जी महाराज ने राम से राष्ट्र तक का संकल्प दिलाया।
By Shubh Bhaskar ·
01 Feb 2026 ·
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आचार्यश्री रामदयाल जी महाराज ने राम से राष्ट्र तक का संकल्प दिलाया।
महाप्रभु रामचरण जी का 307 व प्राकट्य महोत्सव श्रद्धा से संम्पन्न
रामनिवास धाम बना भक्ति और राष्ट्र चेतना का केन्द्र
398 भोग थाल संग निकली भव्य शोभायात्रा
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रवर्तक महाप्रभु स्वामी रामचरण जी महाराज के 307 वा प्राकट्य महोत्सव रविवार को श्रद्धा,उत्साह व उल्लास के साथ भव्य रूप से मनाया गया।रामनिवास धाम में रामस्नेही सम्प्रदाय के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन का संयोजन अखिल भारतीय विजयवर्गीय मेवाड़ महासभा द्वारा किया गया।
इस मौके पर बारादरी संत रामनारायण देवास,जगवलभराम महाराज,संत नवनिधराम महाराज सहित अन्य संत भी मौजूद रहे।रामनिवास धाम में सुबह आरती-वन्दना एवं समाधि पूजन के साथ कार्यक्रमो का शुभारम्भ हुआ।इसके बाद नया बाजार स्थित रामबेड़िया से 398 भोग के थालो के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा में विजयवर्गीय समाज के महिलाएं-पुरुष व बड़ी संख्या में रामस्नेही परिवार शामिल हुए।महिलाएं-पुरुष नाचते गाते हुए व हाथी-घोड़े,बेंड-बाजे एवं शाही लवाजमें के साथ निकली।शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई रामनिवास धाम पहुची।नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने रामनिवास धाम में प्रवेश कर वातावरण को भक्तिरस से सरोबोर कर दिया।समापन अवसर पर रामनिवास धाम की बारादरी में विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ।बारादरी में हुई धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज ने कहा की "राम है तो राष्ट्र है और राष्ट्र है तो राम है,दोनो आत्मा और शरीर के समान है।"उन्होंने कहा भारत को हिन्दू राष्ट्र ,धर्म राष्ट्र और संस्कृति राष्ट्र बनाने का संकल्प प्रत्येक व्यक्ति को लेना होगा।उन्होंने उपस्थित जनसमूह से गौरवपूर्वक कहने का आह्वान किया कि "हम हिन्दू है।"