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भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को बताए गए कलियुग के पाँच कड़वे सत्य : *स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज*

By Shubh Bhaskar · 30 Jan 2026 · 81 views
भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को बताए गए कलियुग के पाँच कड़वे सत्य : *स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज*

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- मथुरा- ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री राधे ब्रजवासी गौशाला ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने मथुरा में आयोजित एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को बताए गए कलियुग के पाँच कड़वे सत्यों का वर्णन करते हुए कहा कि आज का समाज उन्हीं परिस्थितियों से गुजर रहा है, जिनका उल्लेख महाभारत काल में स्वयं श्रीकृष्ण ने किया था।
स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि उन्होंने जो संकल्प लिया है—गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने और घर-घर गौ पूजा स्थापित करने का, उसके लिए आज देशभर के संत, महात्मा और चारों पीठों के जगतगुरु शंकराचार्य सक्रिय भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने श्रीकृष्ण–पांडव संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि महाभारत युद्ध के उपरांत धर्म की विजय के बावजूद पांडवों के मन में भविष्य को लेकर चिंता थी। इसी संदर्भ में युधिष्ठिर द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में भगवान श्रीकृष्ण ने कलियुग के पाँच सत्य बताए—
पहला सत्य – धर्म केवल प्रदर्शन बन जाएगा
श्रीकृष्ण ने कहा कि कलियुग में धर्म का आचरण कम और प्रदर्शन अधिक होगा। मंदिर तो होंगे, लेकिन आचरण में धर्म का अभाव रहेगा। जो जितना अधर्मी होगा, वह स्वयं को उतना ही बड़ा धर्मी बताएगा।
दूसरा सत्य – धन ही संबंधों का आधार बनेगा
कलियुग में मनुष्य की पहचान गुणों से नहीं, बल्कि धन से होगी। रिश्ते स्वार्थ पर टिके होंगे और जहां लाभ समाप्त, वहां संबंध भी समाप्त हो जाएंगे।
तीसरा सत्य – ज्ञान नहीं, चालाकी पूजी जाएगी
सत्य और सरलता को मूर्खता समझा जाएगा, जबकि छल और कपट को चतुराई कहा जाएगा। झूठ बोलने वाले सफल और सत्य पर चलने वाले अकेले रह जाएंगे।
चौथा सत्य – प्रेम की जगह वासना ले लेगी
विवाह धर्म नहीं, सुविधा बन जाएगा। रिश्ते उपयोग तक सीमित होंगे और माता-पिता बोझ समझे जाने लगेंगे।
पाँचवां सत्य – भगवान का नाम ही उद्धार करेगा
श्रीकृष्ण ने कहा कि कलियुग चाहे जितना भी अंधकारमय हो, इसमें मुक्ति का मार्ग सबसे सरल होगा। न तप, न यज्ञ और न कठोर साधना—केवल भगवान का सच्चे मन से स्मरण ही मनुष्य को पार लगाएगा।
इस संवाद के बाद पांडव भावुक हो उठे। युधिष्ठिर के यह कहने पर कि कलियुग अत्यंत कठोर होगा, श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया—“हाँ, लेकिन जो विश्वास रखेगा, वही सच्चा विजेता होगा।”
स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि यह कथा डराने के लिए नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने के लिए है। आज भी यदि व्यक्ति सत्य पर टिके हैं, माता-पिता का सम्मान करते हैं, लालच से दूर रहते हैं और भगवान का स्मरण करते हैं, तो वे कलियुग में रहते हुए भी द्वापर के मार्ग पर चल रहे हैं।
उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अधर्मी प्रवृत्तियों का बोलबाला बढ़ रहा है और सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत धर्म और गौ माता के संरक्षण के लिए आंदोलनरत हैं, जिनके समर्थन में वे स्वयं पूरी दृढ़ता से खड़े हैं।
स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए निरंतर जारी रहेगा।

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