राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भीलवाड़ा पुलिस को थमाया नोटिस, उत्पीड़न के आरोपों पर 15 दिन में मांगी रिपोर्ट आसपा के पूर्व प्रदेश सचिव पर मारपीट के आरोप पर भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को थमाया नोटिस
By Shubh Bhaskar ·
12 Apr 2026 ·
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भीलवाड़ा पुलिस को थमाया नोटिस, उत्पीड़न के आरोपों पर 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
आसपा के पूर्व प्रदेश सचिव पर मारपीट के आरोप पर भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को थमाया नोटिस
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
भीलवाड़ा -राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भीलवाड़ा पुलिस के खिलाफ उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोपों पर कड़ा संज्ञान लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता जीवन ऐरवाल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व प्रदेश सचिव जीवन ऐरवाल ने बताया कि मामला 28 नवंबर 2024 का है। पीड़ित जीवन ऐरवाल का आरोप है कि मीरा सर्कल स्थित एक निजी कंपनी में विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मदद के लिए 100 नम्बर पर पुलिस को कॉल किया, तो पुलिस ने सहायता करने के बजाय उन्हें ही हिरासत में ले लिया। थाने में उनके साथ मारपीट की गई और जबरन सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए।
पीड़ित का कहना है कि इस घटना के संबंध में उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, आरटीआई आवेदन लगाए और प्रथम अपील भी की, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 15 दिनों की समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो आयोग अपनी संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए आगे की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाएगा।
मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज हो। पीड़ित और उनके परिवार को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी एकजुट होकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।