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भीलवाड़ा में दलितों पर अत्याचार और बाबा साहेब के अपमान के खिलाफ फूटा बहुजन समाज का आक्रोश; कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

By Shubh Bhaskar · 18 Feb 2026 · 7 views
भीलवाड़ा में दलितों पर अत्याचार और बाबा साहेब के अपमान के खिलाफ फूटा बहुजन समाज का आक्रोश; कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।

भीलवाड़ा-भीलवाड़ा जिले में दलित समाज के विरुद्ध बढ़ती हिंसा और संवैधानिक प्रतीकों के अपमान के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने जिला पुलिस अधीक्षक को संयुक्त ज्ञापन सौंपा। हीरालाल बैरवा ज़िला अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन और कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
प्रमुख घटनाएं और प्रशासन की विफलता
ज्ञापन में मुख्य रूप से दो घटनाओं पर आक्रोश जताया गया है:
कांगनी (गंगापुर) मामला: 20 जनवरी को कैलाश रेगर नामक युवक को दबंगों द्वारा बंधक बनाकर रातभर मारपीट की गई। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद 3 फरवरी को मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन आज तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई।
बडलियास (कोटड़ी) मामला: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को राजकीय विद्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने न केवल रोका, बल्कि अभद्र और जातिसूचक टिप्पणियां कीं। इस संबंध में FIR संख्या 28/2026 दर्ज होने के बावजूद पुलिस प्रशासन मौन है।
बहुजन समाज की मांगें
मुखर्जी गार्डन में एकत्रित हुए जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन का ढुलमुल रवैया अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
पंकज डीडवानिया भीम आर्मी ज़िलाअध्यक्ष ने बताया के अगर दोनों प्रकरणों के आरोपियों की 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी।
सरकारी विद्यालय में संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुँचाने वालों पर कठोर कानूनी कार्यवाही।
पीड़ित कैलाश रेगर और मामले के गवाहों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराना।
आंदोलन की चेतावनी
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा, "हम न्याय की भीख नहीं, अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं। आज हम शांतिपूर्वक ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता मोतीलाल सिंघानिया, चिरजी लाल बोरलिया, प्रहलाद बैरवा, अशोक रेगर, रानी बोरलिया, कैलाशी देवी, सीता देवी रेगर, शेरू मोहम्मद और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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