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माघ मेला विवाद के बाद संत समाज की मांग, शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक पुनः कराए जाए गंगा स्नान

By Shubh Bhaskar · 22 Jan 2026 · 17 views
माघ मेला विवाद के बाद संत समाज की मांग, शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक पुनः कराए जाए गंगा स्नान

शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।

प्रयागराज-प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान शंकराचार्य और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई कथित झड़प को लेकर संत समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इस घटना के बाद ब्रज भूमि के संत समाज ने एक स्वर में मांग की है कि शंकराचार्य जी को पुनः सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराया जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रकरण के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि माघ मेला जैसे पवित्र आयोजन में शंकराचार्य के साथ हुआ व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर योगी सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं एक संत हैं और संतों की पीड़ा को भली-भांति समझते हैं, इसलिए उन्हें हस्तक्षेप कर शंकराचार्य जी को सम्मान सहित गंगा स्नान कराए जाने के निर्देश देने चाहिए।
स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज ने और भी कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने संतों के साथ दुर्व्यवहार किया, यहां तक कि चोटी खींचने और जूतों से मारने जैसे कृत्य किए गए, उन सभी की तत्काल जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी संत के साथ ऐसा व्यवहार न हो।
महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने कहा कि शंकराचार्य की पीठ भगवान शिव की गद्दी मानी जाती है और इस पीठ का अपमान करना अत्यंत पाप का कार्य है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सनातन हिंदुओं के गौरव हैं और उनसे अपेक्षा है कि वे इस गंभीर मामले में त्वरित निर्णय लेते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
संत समाज का कहना है कि जब तक शंकराचार्य की पीड़ा का निवारण नहीं होगा और उन्हें सम्मानपूर्वक गंगा स्नान नहीं कराया जाएगा, तब तक यह मामला संतों के मन में टीस बनकर बना रहेगा।

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