सनातनी हिन्दू के नाम पर दोगले हिन्दू रहते हैं भारत देश में : *गौ पुत्र धर्म दास महाराज*
By Shubh Bhaskar ·
19 Jan 2026 ·
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सनातनी हिन्दू के नाम पर दोगले हिन्दू रहते हैं भारत देश में : *गौ पुत्र धर्म दास महाराज*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- मथुरा- भारत को सनातन संस्कृति की भूमि बताते हुए ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र संत धर्मदास महाराज ने सनातनी समाज से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत देश सनातनी लोगों का देश है, जहां तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, लेकिन कलयुग में सनातनी हिन्दुओं का ज़मीर कमजोर होता जा रहा है। जन्म तो सनातन धर्म में लिया, परंतु अपने देवी-देवताओं पर विश्वास कम होता जा रहा है और माया के वश में आकर लोग गलत मार्ग अपना रहे हैं।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि इतिहास गवाह है—जब-जब हिन्दू बंटा है, तब-तब वह कटा है और अधर्मी शक्तियों का शासन हुआ है। आज भी कुछ लोग सनातन धर्म को कमजोर करने में लगे हुए हैं और दुर्भाग्यवश कई सनातनी उनके साथ खड़े नजर आते हैं। उन्होंने सभी सनातनी लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि वे जागें और अपने धर्म, संस्कृति व मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि इस संसार से न धन जाएगा, न मकान और न ही संतान, केवल आपके कर्म, सेवा और दान ही आपके साथ जाएंगे। अच्छाई और बुराई का फल प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं भोगना पड़ता है। उन्होंने पत्रकारिता का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में नारद मुनि जैसे निष्काम भाव से समाज को जागरूक करने वाले कलम के सिपाही थे, लेकिन आज के समय में कई लोग लालच और अधर्म का साथ देते दिखाई देते हैं।
धर्म दास महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का मार्ग बताया—अधर्म के विरुद्ध खड़े होने और केवल अपने कर्तव्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चाहे सामने अपना ही कोई क्यों न हो, यदि वह अधर्म के मार्ग पर चलता है तो उसका साथ नहीं देना चाहिए।
उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में अनेक राजनीतिक दल होने और डबल इंजन की सरकार हिंदू राष्ट्र को महत्व देने के बावजूद भी भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं हो पा रहा है। गौ माता दर-दर भटक रही हैं, गौ-हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, आस्थाओं पर प्रहार हो रहा है, फिर भी समाज मौन है। यह समय जागने का है।
अंत में गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि उनके शब्दों से यदि किसी को ठेस पहुंची हो तो वह क्षमा चाहते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल समाज को जगाना है। उन्होंने सभी से मिलकर आगे बढ़ने, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और हिन्दू राष्ट्र की दिशा में एकजुट होने का आह्वान किया।उन्होंने अपने उद्बोधन का समापन “जय श्री राम” और “जय श्री गौ माता” के जयघोष के साथ किया।