महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण: मंत्रोच्चार और अन्नकूट के साथ श्रद्धापूर्वक हुआ आयोजन।
By Shubh Bhaskar ·
18 Jan 2026 ·
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महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण: मंत्रोच्चार और अन्नकूट के साथ श्रद्धापूर्वक हुआ आयोजन।
महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण: मंत्रोच्चार और अन्नकूट के साथ श्रद्धापूर्वक हुआ आयोजन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अलवर अपना घर शालीमार स्थित श्रीराम मंदिर प्रांगण में रविवार को महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का विधिवत अनावरण श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। मंदिर के पुजारी पं. मुरलीधर शर्मा,पंडित अश्वनी शर्मा,भूपेन्द्र शर्मा,संजय शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा एवं पंडित रवि शर्मा ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर प्रतिमा का अनावरण संपन्न कराया।
इस अवसर पर अपना घर शालीमार के डायरेक्टर अशोक सैनी ने बताया कि आयोजन के उपलक्ष्य में विशाल अन्नकूट भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने महर्षि वाल्मीकि द्वारा बताए गए आदर्श मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के जीवन, आदर्शों एवं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
महर्षि वाल्मीकि को रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना का श्रेय प्राप्त है, जो देश के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक है। मान्यता है कि उनके आश्रम में ही माता सीता ने लव-कुश को जन्म दिया था तथा महर्षि वाल्मीकि ने ही उन्हें शिक्षा प्रदान की और शस्त्र संचालन का ज्ञान दिया। जीवन के एक पड़ाव पर वे ‘रत्नाकर डाकू’ के नाम से जाने जाते थे, किंतु नारद मुनि से भेंट के पश्चात उनका जीवन परिवर्तित हुआ और वे महर्षि वाल्मीकि बने। भगवान राम का नाम समस्त कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला एवं भवसागर से पार उतारने वाला माना जाता है, और इस नाम को जन-जन तक पहुंचाने में महर्षि वाल्मीकि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में त्रेहान ग्रुप के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम मोरछड़ी मित्र मंडल शालीमार के सेवादारों एवं समस्त श्याम प्रेमियों ने प्रसाद वितरण में सेवाएं प्रदान किया। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का भाव व्याप्त रहा।