पीपाड़ शहर: किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 138वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
By Shubh Bhaskar ·
17 Jan 2026 ·
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पीपाड़ शहर: किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 138वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
नवरतन औझा
पीपाड़ सिटी मारवाड़ में किसान जागृति के प्रणेता और 'किसानों के मसीहा' कहे जाने वाले किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 138वीं जयंती शनिवार को क्षेत्र में बड़े ही उत्साह, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। श्री बलदेव राम शिक्षण सेवा संस्थान के तत्वावधान में जाट समाज 84 पट्टी परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों और युवाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीपाड़ उपखण्ड अधिकारी नेमाराम रॉयल ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने बलदेवराम मिर्धा के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मिर्धा जी ने जागीरदारी प्रथा के विरुद्ध जो बिगुल फूंका और शिक्षा के माध्यम से किसानों को स्वावलंबी बनाया, वह आज भी हम सबके लिए मार्गदर्शक है।" उन्होंने युवाओं से उनके तीन मूल मंत्रों—शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक न्याय—को आत्मसात करने की अपील की।संस्थान के अध्यक्ष रेंवत राम चौधरी ने स्वागत भाषण में मारवाड़ किसान सभा और राजस्थान किसान सभा की स्थापना में मिर्धा जी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। समारोह को चौरासी पट्टी अध्यक्ष रामनिवास कुड़िया, यशपाल चौधरी, पूर्व मेजर चंद्राराम चौधरी, अभियंता रामपाल मुंदियांड़ा और मेजर जोराराम पुनिया सहित कई गणमान्य नागरिकों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने एक सुर में समाज की मजबूती के लिए शिक्षा और खेल पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
प्रतिभाओं और भामाशाहों का सम्मान
इस अवसर पर संस्थान द्वारा समाज के गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया:हाल ही में सरकारी सेवाओं में चयनित कार्मिकों का सम्मान।राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
समाज के विकास में सहयोग देने वाले दानदाताओं को भी मंच पर सम्मानित किया गया।समारोह के अंतिम चरण में कोषाध्यक्ष चंद्रराम भींचर ने संस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष भर की गतिविधियों और आय-व्यय का विवरण दिया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सचिव दलाराम चौधरी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। मंच का कुशल संचालन करनाराम सेल द्वारा किया गया।