शिक्षा के मंदिर में कीचड़ के पांव से प्रवेश विभाग को अवगत के 1 वर्ष बाद भी नहीं लिया संज्ञान
By Shubh Bhaskar ·
09 Apr 2026 ·
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शिक्षा के मंदिर में कीचड़ के पांव से प्रवेश
विभाग को अवगत के 1 वर्ष बाद भी नहीं लिया संज्ञान
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
मांडलगढ़-राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के उत्थान पर नित्य नई योजनाएं बना रही हैं। वहीं अधिकारी इनको धरातल पर अमलीजामा पहनाने को रुचि नहीं ले रहे हैं। सरकारी आदेश कागजों में ही समाकर रह जाते हैं, जिसके चलते आमजन को समय पर समस्याओं का समाधान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा के मंदिर में ज्ञान के लिए प्रवेश करने से पूर्व विद्यार्थियों को कीचड़ में पैर सुन्नाकर प्रवेश करने की वर्षों से मजबूरी बनी हुई है।
होड़ा से नील की खेड़ी वाया खाचरोल, कल्याणपुरा डामरीकृत एवं गांवों में बनी सीसी सड़क की हालत खस्ताहाल हो रही है। ऐसा विकट हाल रायसिहपुरा गांव का है जहां शिक्षा के मंदिर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय व गांव के मुख्यमार्ग से गुजरने के लिए लोगों को भारी कीचड़, गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा हैं। दुपहिया वाहनों, पैदल गुजरना दुश्वार हो रहा है। इसके बाद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मुख्य सड़क के दोनों ओर बनी नालियों से मिट्टी निकाल कर गंदे पानी की सुचारु निकासी नहीं कर रहा हैं। वहीं जहां पेचवर्क किए गए उनमें भी गुणवत्ता नहीं होने से पुन गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। होड़ा से खाचरोल, रायसिंहपुरा, कल्याणपुरा मार्ग को लेकर ग्रामीणों द्वारा बार-बार विभाग को अवगत करवाने एवं कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के इस मार्ग से निकलने के बाद भी इसके दुरुस्तीकरण की ओर कोई रुचि नहीं ले रहे है। राज्य सरकार द्वारा दीपावली से पूर्व सभी सड़क मार्ग का दुरुस्तीकरण करने, पेचवर्क निकालने के लिए आदेश जारी किए थे। जो करीब 6 माह बाद भी धरातल पर पूर्णता के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।