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जनगणना प्रपत्र में ओबीसी का काॅलम नहीं, ओबीसी समाज में भारी रोष

By Shubh Bhaskar · 07 Apr 2026 · 443 views
जनगणना प्रपत्र में ओबीसी का काॅलम नहीं, ओबीसी समाज में भारी रोष
ओबीसी की जनगणना नहीं करवाईं तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा - दिनेश माली
उदयपुर।
दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा राजस्थान सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट रजि उदयपुर द्वारा कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर जनगणना प्रपत्र में ओबीसी का काॅलम जोड़ने की तीव्र मांग की। खुब नारे बाजी कर अपनी मांग बुलंद की। प्रदर्शन में ओबीसी समाज के 40 जातियों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।
संस्थापक दिनेश माली ने बताया कि भारत सरकार द्वारा करवाईं जा रही जनगणना में 33 काॅलम में परिवार की जानकारी ली जाएगी। परन्तु इन 33 काॅलम ओबीसी समाज का अलग से काॅलम नहीं होने से ओबीसी समाज का वास्तविक जनसंख्या का पता नहीं लग सकेगा। जिससे ओबीसी समाज में भारी रोष व्याप्त है। जबकि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति का अलग से काॅलम हैं। जनसंख्या के अनुपात में सरकार सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और लाभ कारी योजना और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की योजना बनातीं हैं। और राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है। संस्थापक दिनेश माली के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र ओझा को ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति , गृहमंत्री व जनगणना आयोग भारत सरकार को ज्ञापन सौपा। ओबीसी का काॅलम जोड़ने की मांग की । ओबीसी समाज ने चेतावनी दी है कि अगर अलग काॅलम बना कर जनगणना नहीं करवाईं जाती है। तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
एडवोकेट रतन लाल गुर्जर व महामंत्री सुर्य प्रकाश सुहालका ने बताया कि दुसरा ज्ञापन -
*आगामी चुनाव मे ओ बी सी को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार ओबीसी को मिले प्रतिन्धित्व*

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगामी पंचायत व नगर निगम के चुनाव में ओबीसी को प्रतिनिधित्व दिया जाएं,का ज्ञापन सौंपा । सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत राज संस्थाओं एवं नगर निगम निकायों के चुनाव में ओबीसी को आरक्षण प्रदान करने के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य सरकार को ओबीसी वर्ग की वास्तविक सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक अध्ययन करना आवश्यक है ।जिसके आधार पर आयोग द्वारा आरक्षण के संबंध में उचित अनुशंसा की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा प्रगणक द्वारा घर घर जाकर 19 बिंदुओं की जानकारी प्राप्त कर आयोग को उपलब्ध करानी थी। परंतु संबंधित विभाग के अधिकारीयों और कर्मचारियों ने घर-घर न जाकर केवल औपचारिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर दीं हैं। त्रुटि पूर्ण जानकारी दी जा रही है ।जिससे आयोग को वास्तविक जानकारी न मिलने से ओबीसी को समुचित आरक्षण नहीं मिल पाएगा। ज्ञापन के माध्यम से अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव राजस्थान सरकार को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया गया है।
आज के धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन में संस्थापक दिनेश माली, रमाकांत अजारिया, कांग्रेस प्रदेश ओबीसी उपाध्यक्ष सुखलाल साहू और प्रदेश महामंत्री तुलसीराम लोहार,सुर्य प्रकाश सुहालका, पी एस पटेल, बाल कृष्ण सुहालका, करोड़ी लाल पूर्बिया, भंवरलाल पूर्बिया, डी पी लक्षकार, रतन लाल गुर्जर, कमलेश गुर्जर,दिवाकर माली, शंकर लाल गुर्जर,पर्था डांगी, मोहनलाल पटेल, खेमराज पटेल, रामलाल पटेल सीएम टांक, अशोक मेवाड़ा, सोहनलाल सुहालका उपस्थित थे।
महिला संगठन से मणी बेन पटेल, गंगा देवी माली, पूजा टेलर, तारा पूर्बिया, कल्पना पूर्बिया, मांगी देवी डांगी, नर्बदा डांगी,सहित कई गणमान्य अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

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