सीबीएसई ने जारी किया नया पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा ०9 से 12 तक बड़े बदलाव।
By Shubh Bhaskar ·
05 Apr 2026 ·
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सीबीएसई ने जारी किया नया पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा ०9 से 12 तक बड़े बदलाव।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- नई दिल्ली- नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा ०9 से 12 तक का नया पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। यह सिलेबस देश की बदलती शैक्षणिक जरूरतों और आधुनिक शिक्षा दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें छात्रों के समग्र विकास, कौशल आधारित शिक्षा और व्यावहारिक सीखने पर विशेष जोर दिया गया है।
*०1 अप्रैल से लागू हुआ नया सिलेबस*
सीबीएसई ने ०1 अप्रैल 2026 को कक्षा 11 और 12 के लिए नया पाठ्यक्रम जारी किया, जबकि कक्षा ०9 और 10 के लिए ०2 अप्रैल को वेबिनार के माध्यम से जानकारी साझा की गई। यह वेबिनार द्वारका स्थित सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के हजारों प्राचार्य, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।
*एनसीएफ-2023 और एनईपी-2020 के अनुरूप बदलाव*
नया पाठ्यक्रम नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 (NCF-2023) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) की सिफारिशों पर आधारित है। इसके तहत शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला, छात्र-केंद्रित और व्यावहारिक बनाया गया है। अब रटने के बजाय समझ, विश्लेषण और प्रयोगात्मक ज्ञान पर जोर दिया जाएगा।
*कम कंटेंट, ज्यादा समझ पर फोकस*
सीबीएसई ने सिलेबस को इस तरह डिजाइन किया है कि छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम हो, लेकिन उनकी अवधारणात्मक समझ मजबूत बने। इसमें क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान और एप्लीकेशन आधारित लर्निंग को प्राथमिकता दी गई है, जिससे छात्र वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार हो सकें।
*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा*
नए पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और डिजिटल स्किल्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरेसी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे छात्र तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।
*स्कूलों को दिए गए अहम निर्देश*
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे नया पाठ्यक्रम तुरंत डाउनलोड कर शिक्षकों और छात्रों के साथ साझा करें। साथ ही शिक्षण पद्धति में आवश्यक बदलाव करने, दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTM) के माध्यम से अभिभावकों को भी जानकारी देने को कहा गया है।
*85 हजार से अधिक शिक्षकों ने लिया हिस्सा*
वेबिनार में देशभर से करीब 85,000 प्राचार्य, शिक्षक और शिक्षाविद शामिल हुए। इस दौरान नई शिक्षण पद्धतियों, इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन और निरंतर मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
भविष्य की शिक्षा की ओर बड़ा कदम
सीबीएसई के अनुसार यह नया पाठ्यक्रम शिक्षा को अधिक समावेशी, आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बनाएगा। इससे छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे और उनका समग्र विकास सुनिश्चित होगा।