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हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत बैठक में 3 करोड़ के प्रस्ताव पास,क्या बदलेगी गांवों की तस्वीर या फिर रह जाएगा कागज़ी विकास?

By Shubh Bhaskar · 28 Dec 2025 · 28 views
हलधरमऊ क्षेत्र पंचायत बैठक में 3 करोड़ के प्रस्ताव पास,क्या बदलेगी गांवों की तस्वीर या फिर रह जाएगा कागज़ी विकास?

सुनील कुमार मिश्रा दैनिक शुभ भास्कर उत्तर प्रदेश गोंडा। जिले के हलधरमऊ विकासखंड परिसर स्थित कृषि भवन में शुक्रवार को क्षेत्र पंचायत की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लगभग 3 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक बावन सिंह रहे। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख ऋचा सिंह ने की। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि वैभव सिंह मोनू ने अस्वस्थ होने के बावजूद बैठक में शिरकत की। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश कुमार ‘राजू’ ओझा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एडीओ आईएसबी विजय बहादुर सिंह ने किया। बीडीओ देव नायक सिंह ने फैमिली आईडी और आयुष्मान योजना की जानकारी दी। एडीओ पंचायत राजेश वर्मा ने पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट पर चर्चा की। एडीओ कृषि कमलजीत सिंह ने किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति बताई। एडीओ समाज कल्याण ने शादी अनुदान, वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं की जानकारी दी। सीडीपीओ नंदिनी घोष ने आंगनबाड़ी पोषाहार वितरण में फेस आईडी अनिवार्य होने की जानकारी साझा की। बैठक में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, भवन निर्माण सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए गए। जनप्रतिनिधियों ने दावा किया कि पुराने लंबित कार्य शीघ्र पूरे किए जाएंगे और योजनाओं का लाभ हर गांव तक पहुंचेगा। हालांकि बैठक में कई विभागों के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने काम की गुणवत्ता और समय सीमा पर सवाल खड़े कर दिए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछली बैठक के आंकड़ों के अनुसार 100 प्रस्तावित कार्यों में से 73 पूरे हो चुके हैं, 21 कार्य चल रहे हैं और 6 अब भी लंबित हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 करोड़ रुपये की यह राशि वास्तव में गांवों की तस्वीर बदलेगी या फिर विकास कागज़ों और फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा। शौचालय, पेंशन और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं में देरी से जनता में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, ज़मीनी बदलाव चाहिए।

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