परमाणु प्रभाव से बचाव में गौवंश की भूमिका— *त्रिदंडी चिन्ना जियर स्वामी*
By Shubh Bhaskar ·
01 Apr 2026 ·
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परमाणु प्रभाव से बचाव में गौवंश की भूमिका— *त्रिदंडी चिन्ना जियर स्वामी*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अलवर काला कुआं स्थित रामकिशन कॉलोनी के श्री वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम में दो दिवसीय प्रवास पर पधारे त्रिदंडी चिन्ना जियर स्वामी महाराज ने गौवंश संरक्षण और वैदिक परंपराओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परमाणु रेडिएशन जैसे खतरों से बचाव के लिए गाय और गोविंद का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
स्वामी जी ने पांडूपोल हनुमान जी के दर्शन कर श्री मधुसूदन वैदिक संस्कृति पर्यावरण संस्थान द्वारा संचालित वेद विद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऋषि और कृषि प्रधान भारत में यदि गोवंश का संरक्षण किया जाए तथा वेद मंत्रों के साथ शुद्ध देसी गाय के घी से यज्ञ-हवन किए जाएं, तो यह वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होता है और नकारात्मक प्रभावों को कम करता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख किया और कहा कि उस समय भी जिन घरों में गौवंश था, वहां अपेक्षाकृत कम प्रभाव देखने को मिला। साथ ही उन्होंने बताया कि आज विश्व के कई देशों में भी देसी गाय के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रवास के दौरान स्वामी जी ने वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम में विराजमान पुन्नगू गौ माता का पूजन किया तथा मधुसूदन गौ सेवा संस्थान की गोकुल गौशाला (कटोरी वाला तिवारा) में पहुंचकर गायों को हरा चारा, गुड़ और दलिया खिलाया। उन्होंने गौशाला में 200 से अधिक गोवंश की सेवा और नवजात शिशुओं को निशुल्क दूध वितरण की सराहना की।
स्वामी जी ने कहा कि बालक के समुचित बौद्धिक विकास के लिए मां का दूध सर्वोत्तम है, उसके बाद गौमाता का दूध अत्यंत लाभकारी माना गया है। श्रीमद्भागवत महापुराण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं गाय को अपना स्वरूप बताया है।
उन्होंने समाज में बदलती जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लोग घरों में गाय के स्थान पर अन्य पालतू पशु पाल रहे हैं, जिससे परंपरागत जीवन मूल्यों में गिरावट आई है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से आग्रह किया कि वे या तो घर में गाय पालें या गौशालाओं में गाय को गोद लेकर उसकी सेवा करें।
कार्यक्रम के अंत में स्वामी जी दोपहर ०1 बजे श्री वृंदावन धाम के लिए प्रस्थान कर गए, जहां वे श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वाचन करेंगे। इस अवसर पर स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज द्वारा यज्ञ हेतु शुद्ध देसी घी भेंट किया गया। कार्यक्रम में रामपाल यादव,कमल झिरीवाल,देवी प्रसाद बंसल, हरिओम सोमवंशी,बृजमोहन गोयल एवं दिल्ली से सुनील यादव सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।