कर्नलगंज में गैस माफिया का खेल बेनकाब! उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, कोतवाली तक पहुंचा मामला
By Shubh Bhaskar ·
28 Mar 2026 ·
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कर्नलगंज में गैस माफिया का खेल बेनकाब! उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, कोतवाली तक पहुंचा मामला
कोतवाल कर्नलगंज की भूमिका पर भी उठे सवाल, “जांच” की बात कहकर झाड़ा पल्ला
दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा उत्तर प्रदेश कर्नलगंज, गोण्डा। क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत और जमकर हो रही कालाबाजारी ने अब जनआक्रोश का रूप ले लिया है। शनिवार को कर्नलगंज कटरा रोड स्थित मनोकामना इंडेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का गुस्सा विस्फोटक अंदाज में फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने एजेंसी के खिलाफ जमकर हंगामा किया और सीधे-सीधे भ्रष्टाचार, कालाबाजारी और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाये हैं।
“बुकिंग हमारी, सिलेंडर किसी और को डिलीवरी!” उपभोक्ताओं का आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें 10–15 दिन बीतने के बाद तक गैस नहीं मिल रही, लेकिन एजेंसी के रिकॉर्ड में सिलेंडर “डिलीवर” दिखा दिया जाता है। सवाल उठता है—आखिर वो सिलेंडर जा कहां रहा है?
1500–2000 रुपये में हो रही गैस सिलेंडर की कालाबाजारी!
पीड़ितों ने खुलासा किया कि एजेंसी कर्मी एक उपभोक्ता के नाम पर बुक सिलेंडर को दूसरे लोगों को मोटी रकम लेकर बेच रहे हैं। यह सीधा-सीधा गरीब और मध्यम वर्ग के हक पर डाका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी पर रोजाना भीड़ लग रही है, लेकिन व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं। उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है, झूठे बहाने बनाए जा रहे हैं और खुलेआम शोषण किया जा रहा है। इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा बिना एजेंसी संचालक की मिलीभगत के संभव नहीं। सवाल यह है कि क्या संचालक खुद इस खेल में शामिल हैं? या फिर उनकी नाक के नीचे कर्मचारियों ने पूरा रैकेट खड़ा कर दिया है? पूर्ति विभाग की चुप्पी भी संदेह के घेरे में है। आखिर इतनी शिकायतों के बावजूद पूर्ति विभाग आखिर क्यों मौन है? क्या विभाग को इस कालाबाजारी की भनक नहीं? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? ऐसे अनगिनत गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोतवाल कर्नलगंज की भूमिका पर भी उठे सवाल
मामला जब कोतवाली पहुंचा जहां कई पीड़ितों ने लिखित तहरीर दी तो कोतवाल ने “जांच” की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सवाल ये है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या स्थानीय पुलिस भी सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगी? आक्रोशित उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उपभोक्ताओं की मांग है कि गैस ऐजेंसी के जिम्मेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाय और फर्जी डिलीवरी की जांच कराकर कालाबाजारी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी व एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करते हुए उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाय। अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश करता है या फिर सच में दोषियों पर कार्रवाई कर जनता को राहत देता है।