हल्की बरसात में खुली मंडी की सफाई व्यवस्था की पोल, सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप।
By Shubh Bhaskar ·
20 Mar 2026 ·
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हल्की बरसात में खुली मंडी की सफाई व्यवस्था की पोल, सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाडीअलवर):- अलवर- अलवर जिले में ‘अतुल्य अलवर’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत चलाए जा रहे सफाई अभियान की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब हल्की बरसात ने कृषि उपज मंडी परिसर की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी।
बताया जा रहा है कि जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला द्वारा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से विशेष सफाई अभियान चलाया गया था, लेकिन कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों की लापरवाही के चलते इन प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और नालियां जाम पड़ी हैं। हल्की बारिश के बाद अधिकांश ब्लॉकों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानों के आगे जलभराव होने से आवाजाही भी बाधित रही।
व्यापारियों और लंबरदारों का कहना है कि लंबे समय से मंडी में सफाई व्यवस्था बदहाल है। सफाई के नाम पर हर महीने डेढ़ लाख रुपए से अधिक का भुगतान ठेकेदार को किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी सफाई नजर नहीं आती। उनका आरोप है कि सफाई केवल कागजों में ही हो रही है और ठेकेदार द्वारा समय-समय पर खानापूर्ति कर दी जाती है।
गौरतलब है कि मंडी प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है और ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही या जुर्माना भी नहीं लगाया जा रहा। इससे साफ है कि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि जब मंडी में सफाई की स्थिति इतनी खराब है, तो फिर हर माह ठेकेदार को भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत किए जा रहे दावों को किस हद तक जमीन पर उतार पाता है।