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खाकी का शौर्य, अनुशासन की गूँज: ADG बीजू जॉर्ज जोसफ ने परखा कोटा पुलिस का 'दमखम'।

By Shubh Bhaskar · 18 Mar 2026 · 46 views
दैनिक शुभ भास्कर


संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया


खाकी का शौर्य, अनुशासन की गूँज: ADG बीजू जॉर्ज जोसफ ने परखा कोटा पुलिस का 'दमखम'।


कोटा शहर पुलिस के वार्षिक निरीक्षण (Annual Inspection) के दौरान आज पुलिस लाइन का परेड ग्राउंड खाकी के गौरव और अनुशासन का गवाह बना। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ ने मार्च 2026 के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण में कोटा पुलिस की मुस्तैदी, शस्त्र संचालन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया। परेड की भव्यता और जवानों के ऊंचे मनोबल ने यह स्पष्ट कर दिया कि कोटा पुलिस शहर की सुरक्षा के लिए पूरी तरह 'अपडेट' और 'अलर्ट' है।


शानदार मार्च पास्ट: 'कदम-से-कदम' मिलाते जवानों ने दिखाया जज्बा
सुबह की पहली किरण के साथ ही एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने सजे-धजे परेड ग्राउंड पर जवानों की 'गार्ड ऑफ ऑनर' स्वीकार की। इसके बाद शुरू हुआ मार्च पास्ट, जिसमें विभिन्न टुकड़ियों ने बैंड की धुन पर ऐसा सटीक तालमेल दिखाया कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। एडीजी ने जवानों के टर्न-आउट (वर्दी की चमक और दिखावट) और शस्त्र संभालने के कौशल की बारीकी से जांच की। अनुशासन का उच्च मानक पेश करने वाले जवानों की एडीजी ने व्यक्तिगत रूप से प्रशंसा कर उनका उत्साहवर्धन किया।



कानून-व्यवस्था का 'एक्स-रे': रिकॉर्ड से लेकर मालखाने तक की जांच
परेड के पश्चात एडीजी जोसफ ने कोटा पुलिस के कार्यकौशल का 'एक्स-रे' किया। उन्होंने थानों के रिकॉर्ड, केस डायरियों, शस्त्रागार (Armoury) और मालखानों के रखरखाव की सघन जांच की। अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंडिंग मुकदमों के त्वरित निस्तारण और गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के सख्त निर्देश दिए। एडीजी ने स्पष्ट कहा— "अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास सिर्फ नारा नहीं, बल्कि धरातल पर हकीकत होनी चाहिए।"
आधुनिक पुलिसिंग और संवेदनशीलता का मंत्र
निरीक्षण के दौरान एडीजी (कार्मिक) ने आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बदलती दुनिया में साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। थानों में आने वाले फरियादियों के साथ पुलिस का व्यवहार मित्रवत और न्यायपूर्ण होना चाहिए, ताकि आम आदमी बिना डरे अपनी बात कह सके।


जवानों के बीच 'मुखिया': सुनी दिल की बात
कार्यक्रम के अंत में आयोजित 'संपर्क सभा' में एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ एक 'अभिभावक' की भूमिका में नजर आए। उन्होंने निचले स्तर के जवानों की सेवा संबंधी और व्यक्तिगत समस्याओं को बेहद धैर्य से सुना। उन्होंने पुलिस कल्याण, आवास सुविधाओं और जवानों की सेहत से जुड़े मुद्दों पर मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए, जिससे पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई।

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