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नारकोटिक्स विभाग की कथित अवैध कार्रवाइयों से खफा अफिम किसान हुए लामबंद

By Shubh Bhaskar · 14 Mar 2026 · 70 views
नारकोटिक्स विभाग की कथित अवैध कार्रवाइयों से खफा अफिम किसान हुए लामबंद

दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान चित्तौड़गढ़ कैलाश चंद्र सेरसिया



नारकोटिक्स विभाग की कथित अवैध कार्रवाइयों से खफा अफिम किसानों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना, प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी । चित्तौड़गढ़ जिले में नारकोटिक्स विभाग की कथित मनमानी, अवैध छापेमारी और किसानों के साथ हो रहे उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार को अफीम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों अफीम किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि अफीम फसल वर्ष 2025-26 के दौरान नारकोटिक्स विभाग के कुछ अधिकारी कानून की आड़ में किसानों के घरों में जबरन घुसकर अवैध कार्रवाई कर रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
धरने के बाद किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार की माननीय वित्त मंत्री तथा नारकोटिक्स विभाग के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों किसानों के साथ नारकोटिक्स विभाग का घेराव किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।

किसानों ने लगाए गंभीर आरोप

धरने में शामिल किसानों ने नारकोटिक्स विभाग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि विभाग के कुछ अधिकारी किसानों को डराकर और दबाव बनाकर अवैध वसूली कर रहे हैं।
किसानों के अनुसार डेलवास (डूंगला) निवासी सुरेश पुत्र रतनलाल और संतोष पुत्र चतुर्भुज धाकड़ से करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये लिए जाने का आरोप है। इसी तरह देवरिया क्षेत्र में भी छापेमारी कर एक किसान से 70 लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि जब किसान रकम देने में असमर्थ रहा तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे उठा लिया गया। खारखंदा निवासी रतनलाल माली ने बताया कि बिना किसी दोष के उन्हें करीब साढ़े तीन महीने जेल में रखा गया, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है और नारकोटिक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए

किसानों ने आरोप लगाया कि हाल ही में की गई छापेमारियों के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। किसानों ने चित्तौड़गढ़ सेल के इंस्पेक्टर प्रदीप लौहार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल बर्खास्तगी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
अफीम किसानों द्वारा उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा के नाम सौंपे गए ज्ञापन में रखी प्रमुख मांगें
किसानों ने उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
अवैध कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए अफीम लम्बरदारों और महिलाओं को तुरंत रिहा किया जाए। महिलाओं से अभद्र व्यवहार और मारपीट करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए , इंस्पेक्टर प्रदीप लौहार को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
किसानों के खिलाफ अवैध कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को हटाकर मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। लुआई - चिराई से लेकर अफीम की तौल होने तक किसानों के घरों पर छापेमारी पूरी तरह बंद की जाए। डेलवास और पाण्डोली क्षेत्र के किसानों से की गई कथित करोड़ों रुपये की अवैध वसूली वापस दिलाई जाए।

“कच्चे तौल” व्यवस्था पर भी उठे सवाल

किसानों ने नारकोटिक्स विभाग की “कच्चे तौल” व्यवस्था पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि लुआई-चिराई के दौरान पौधों से निकलने वाली अफीम में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिसे किसान सुखाकर तौल केंद्र पर ले जाते हैं। लेकिन विभाग कच्ची अफीम और पानी को भी अफीम मानकर उसी आधार पर छापेमारी कर किसानों को परेशान कर रहा है। किसानों ने मांग की कि इस व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए। यदि विभाग कच्चे तौल की व्यवस्था जारी रखना चाहता है तो वह प्रतिदिन किसानों से अफीम संग्रहण की व्यवस्था करे, ताकि किसानों को घर पर अफीम रखने की मजबूरी न हो।

धरना स्थल पर पहुंचे अधिकारी

धरना स्थल पर किसानों से वार्ता करने के लिए कोटा से एएनसी जब्बर सिंह राजपुरोहित पहुंचे। उन्होंने किसानों को बताया कि नियमों के अनुसार बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी अधिकारी को पट्टाधारी किसान के घर में घुसकर जांच या कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। इस पर किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में कोई अधिकारी उनके घरों में जबरन घुसकर अवैध कार्रवाई करेगा तो किसान भी उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो अफीम किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में नारकोटिक्स विभाग का घेराव किया जाएगा और हजारों किसानों के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इन नेताओं ने किया किसानों को संबोधित

धरने को राजस्थान जाट महासभा के जिलाध्यक्ष रामेश्वर लाल जाट सिंहपुर , पूर्व डेयरी चेयरमेन बद्रीलाल जाट जगपुरा, पीसीसी सदस्य ललित बोरीवाल, पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भैरुलाल चौधरी, गोपाल धाकड़, लेहरुलाल जाट, शम्भू जाट निम्बाहेड़ा, बालूराम चित्तौड़िया, प्रकाश मेवदा, कमलेश अनोपपुरा, गोवर्धन सांवलिया खेड़ा, लोकेश जाट सहित कई जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने संबोधित किया।
नेताओं ने कहा कि अफीम किसान वर्षों से देश की अर्थव्यवस्था और औषधि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन नारकोटिक्स विभाग के कुछ अधिकारियों की मनमानी के कारण ईमानदार किसानों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो आंदोलन को पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप दिया जाएगा।

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