मौत के बड़े हादसे को दावत दे रहा टहटड़ा का विशाल पानी टैंक, जलदाय विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश।
By Shubh Bhaskar ·
12 Mar 2026 ·
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मौत के बड़े हादसे को दावत दे रहा टहटड़ा का विशाल पानी टैंक, जलदाय विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-रैणी- अलवर जिले की रैणी पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली टहटड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जलदाय विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। टहटड़ा बस स्टैंड के पास स्थित जलदाय विभाग का बड़ा पानी का टैंक पिछले लंबे समय से लगातार रिसाव (लीकेज) का शिकार हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों व महेश मीणा ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि लगभग 65 से 70 हजार लीटर क्षमता वाला यह टैंक अब “मौत का ढांचा” बन चुका है। टैंक की दीवारों से लगातार हो रहे भारी पानी रिसाव के कारण इसकी नींव और संरचना काफी कमजोर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो यह विशाल टैंक कभी भी गिर सकता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है।
ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
*पानी की भारी बर्बादी, बीमारियों का खतरा*
एक ओर सरकार जल संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं टहटड़ा में विभाग की लापरवाही के कारण रोजाना हजारों-लाखों लीटर साफ पानी व्यर्थ बह रहा है। टैंक के आसपास लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और विभिन्न बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
*ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी*
स्थानीय निवासी रूड़ मल, गोमती लाल मीना, दुलीचंद मीणा, संजय गुप्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि टैंक की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसके पास से गुजरने में भी डर लगता है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग रैणी के प्रति गहरा रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टैंक के रिसाव को बंद कर उसकी मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जलदाय विभाग रैणी की होगी।